महिला क्रिकेट को BCCI का क्रिसमस गिफ्ट: घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में 2.5 गुना तक बढ़ोतरी
महिला क्रिकेट को BCCI का क्रिसमस गिफ्ट: घरेलू खिलाड़ियों की मैच फीस में 2.5 गुना तक बढ़ोतरी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला क्रिकेट को नया साल से पहले बड़ा तोहफा दिया है। 22 दिसंबर 2025 को हुई एपेक्स काउंसिल मीटिंग में घरेलू महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। यह फैसला भारत की महिला टीम की 2025 महिला वनडे विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के बाद आया है, जब टीम ने घरेलू सरजमीं पर पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीती। अब सीनियर महिला घरेलू क्रिकेटरों की दैनिक मैच फीस 20,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये हो गई है – यानी 2.5 गुना इजाफा। रिजर्व खिलाड़ियों को भी 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति दिन मिलेंगे।
यह बदलाव सिर्फ सीनियर नहीं, जूनियर और मैच अधिकारियों तक फैला है। नई संरचना के तहत:
सीनियर महिला टूर्नामेंट्स (वनडे/मल्टी-डे मैच): प्लेइंग XI को 50,000 रुपये प्रति दिन, रिजर्व को 25,000 रुपये।
सीनियर T20 मैच: प्लेइंग XI को 25,000 रुपये, रिजर्व को 12,500 रुपये।
जूनियर (U-19/U-23): प्लेइंग XI को 25,000 रुपये प्रति दिन, रिजर्व को 12,500 रुपये (T20 में आधा)।
मैच अधिकारियों (अंपायर/रेफरी): लीग मैचों में 40,000 रुपये प्रति दिन, नॉकआउट में 50,000-60,000 रुपये तक।
BCCI अधिकारियों के अनुसार, एक टॉप घरेलू महिला क्रिकेटर अब पूरे सीजन (सभी फॉर्मेट्स) में 12-14 लाख रुपये तक कमा सकती है, जबकि पहले यह सिर्फ 2 लाख के आसपास था। यह बढ़ोतरी घरेलू क्रिकेट को प्रोफेशनल बनाने और युवा लड़कियों को क्रिकेट की ओर आकर्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
यह फैसला 2022 की पे पैरिटी पॉलिसी का विस्तार है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरुष-महिला मैच फीस बराबर की गई थी। अब घरेलू स्तर पर भी समानता की ओर कदम बढ़ाया गया। BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “हम जय शाह की शुरू की गई पहलों को आगे बढ़ा रहे हैं। यह महिला क्रिकेट के ग्रासरूट स्तर को मजबूत करेगा।” विश्व कप जीत के बाद WPL की लोकप्रियता और महिला क्रिकेट की बढ़ती दर्शक संख्या को देखते हुए यह टाइमिंग परफेक्ट है।
मैच अधिकारियों की फीस बढ़ने से भी घरेलू टूर्नामेंट्स की क्वालिटी सुधरेगी। पहले कई महिला क्रिकेटर पार्ट-टाइम जॉब्स करती थीं, लेकिन अब फुल-टाइम प्रोफेशनल बनने का रास्ता आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डोमेस्टिक पाइपलाइन मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय टीम को बेहतर टैलेंट मिलेगा।
यह ऐलान महिला क्रिकेट के सुनहरे दौर की शुरुआत है। विश्व कप ट्रॉफी के बाद अब आर्थिक मजबूती – BCCI का यह कदम लाखों युवा क्रिकेटरों को प्रेरित करेगा। महिला क्रिकेट अब सिर्फ पैशन नहीं, करियर का मजबूत विकल्प बन रहा है।
