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सर्दियों में प्यास क्यों नहीं लगती? यह सामान्य है, लेकिन खतरा भी!

सर्दियों में प्यास क्यों नहीं लगती? यह सामान्य है, लेकिन खतरा भी!

सर्दियों में कई लोगों को प्यास कम लगती है, और वे दिनभर में बहुत कम पानी पीते हैं। यह एक आम समस्या है, लेकिन इससे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) हो सकती है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। गर्मियों में पसीना आने से प्यास लगती है, लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता। फिर भी, शरीर को उतना ही पानी चाहिए जितना गर्मियों में।

क्यों कम लगती है प्यास?

ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे शरीर को लगता है कि वह हाइड्रेटेड है। प्यास का सिग्नल 40% तक कम हो जाता है।

ठंडी और सूखी हवा से पसीना तुरंत evaporates हो जाता है, इसलिए नोटिस नहीं होता।

इनडोर हीटिंग (हीटर, ब्लोअर) से हवा सूखी हो जाती है, जिससे सांस से नमी ज्यादा निकलती है।

सर्दी-जुकाम में भी ज्यादा फ्लूइड लॉस होता है।

डिहाइड्रेशन के लक्षण (सर्दियों में अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं):

सूखी त्वचा, फटे होंठ, मुंह सूखना।

सिरदर्द, थकान, चिड़चिड़ापन, फोकस न कर पाना।

गाढ़ा या कम पेशाब (गहरे पीले रंग का)।

कब्ज, मांसपेशियों में दर्द या जकड़न।

कमजोरी, चक्कर आना।

लंबे समय तक ऐसा रहने से किडनी स्टोन, यूरिन इन्फेक्शन, लिवर पर बुरा असर और इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।

क्या करें? हाइड्रेटेड रहने के टिप्स:

प्यास न लगे तब भी दिन में 8-10 गिलास (2-3 लीटर) पानी पिएं।

गुनगुना पानी या हर्बल टी (बिना कैफीन) पिएं – ठंडा पानी मुश्किल लगता है तो गर्म करें।

पानी वाली चीजें खाएं: सूप, फल (संतरा, तरबूज), सब्जियां (खीरा, टमाटर)।

चाय-कॉफी कम करें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाती हैं।

पानी की बोतल साथ रखें और रिमाइंडर सेट करें।

व्यायाम या बाहर जाएं तो ज्यादा पानी पिएं।

सर्दियों में हाइड्रेशन उतना ही जरूरी है जितना गर्मियों में। छोटी आदतें बदलकर सेहत अच्छी रखें! अगर लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें।

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