हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण: सुप्रीम कोर्ट ने फिर टाली सुनवाई, 50 हजार लोगों की सांसें अटकीं!
हल्द्वानी बनभूलपुरा अतिक्रमण: सुप्रीम कोर्ट ने फिर टाली सुनवाई, 50 हजार लोगों की सांसें अटकीं!
हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सुनवाई टाल दी है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाला बागची की बेंच में मंगलवार को लिस्टेड यह केस 15 नंबर के किसी अन्य मामले की लंबी सुनवाई के कारण आगे खिसक गया। अब अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है, जिससे करीब 50 हजार लोगों का भविष्य अधर में लटक गया है।
यह विवाद रेलवे की 29 हेक्टेयर (करीब 72 एकड़) जमीन पर फैला है, जहां 4,365 से ज्यादा अवैध निर्माण हैं। इनमें 3,000 से अधिक मकान, 3 सरकारी स्कूल, 11 प्राइवेट स्कूल, 10 मस्जिदें, 12 मदरसे और एक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। रेलवे का दावा है कि 1959 से यह उसकी जमीन है, जबकि स्थानीय लोग दशकों से यहां बसे होने और पीएम आवास योजना में नाम होने का हवाला दे रहे हैं।
2023 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी थी। सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत स्टे लगा दिया और इसे “मानवीय मुद्दा” बताते हुए पुनर्वास पर जोर दिया। अब तक कई बार सुनवाई टल चुकी है।
इलाके में भारी पुलिस-बल तैनात है। प्रशासन ने बनभूलपुरा को चार जोन में बांटा, ड्रोन और CCTV से निगरानी की जा रही है। स्थानीय लोग शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन तनाव बना हुआ है।
लोग सवाल उठा रहे हैं – क्या विकास के नाम पर हजारों परिवार उजड़ेंगे? अगली तारीख का इंतजार अब पूरे हल्द्वानी की सांसें थामे हुए है।
