देहरादून से दिल्ली शिफ्ट होगा सर्वे ऑफ इंडिया का मुख्यालय? 900+ कर्मचारियों पर पड़ेगा असर, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
देहरादून से दिल्ली शिफ्ट होगा सर्वे ऑफ इंडिया का मुख्यालय? 900+ कर्मचारियों पर पड़ेगा असर, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
भारत के सबसे पुराने वैज्ञानिक संगठन सर्वे ऑफ इंडिया (SoI) का मुख्यालय देहरादून से दिल्ली शिफ्ट हो सकता है। सोशल मीडिया और स्थानीय सर्कल में यह खबर तेजी से फैल रही है, जिसके अनुसार करीब 900 से अधिक कर्मचारियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) या SoI की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो देहरादून में 1767 से चला आ रहा SoI का मुख्यालय दिल्ली के यशोभूमि या आसपास के क्षेत्र में स्थानांतरित हो सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर गहरा प्रभाव डालेगा।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि: क्यों हो रहा शिफ्ट?
सूत्रों के अनुसार, यह कदम केंद्र सरकार की ‘सेंट्रलाइज्ड एडमिनिस्ट्रेशन’ नीति का हिस्सा है, जिसके तहत राष्ट्रीय महत्व के संगठनों को दिल्ली में केंद्रित करने की योजना है। SoI, जो देश का राष्ट्रीय मैपिंग एजेंसी है, वर्तमान में देहरादून के हठीबर्कला एस्टेट में स्थित है। यहां 18 जियोस्पेशल डिवीजन और 23 डायरेक्टोरेट्स हैं, जो टोपोग्राफिकल मैपिंग, एरियल सर्वे और टाइड प्रेडिक्शन जैसे कार्य संभालते हैं।
कर्मचारियों पर असर: SoI में कुल करीब 3,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से देहरादून मुख्यालय में 900+ वैज्ञानिक, सर्वेयर और एडमिन स्टाफ तैनात हैं। शिफ्टिंग से ट्रांसफर, प्रमोशन या रिटायरमेंट जैसे विकल्प सामने आ सकते हैं, लेकिन स्थानीय कर्मचारियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण होगा।
देहरादून को नुकसान: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में SoI एक प्रमुख संस्थान है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करता है। यहां के निवासी इसे ‘दून की पहचान’ मानते हैं। शिफ्टिंग से नौकरियों के अवसर कम हो सकते हैं।
आधिकारिक स्थिति: अभी सिर्फ अफवाह?
SoI की आधिकारिक वेबसाइट और DST के पोर्टल पर अभी देहरादून ही मुख्यालय के रूप में दर्ज है। हाल ही में 17 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के यशोभूमि में ‘स्ट्रेंग्थनिंग ऑफ जियोस्पेशल इकोसिस्टम’ वर्कशॉप का आयोजन है, जो शिफ्टिंग की अटकलों को हवा दे रहा है। लेकिन मंत्रालय ने कहा है कि कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
यदि यह शिफ्ट होता है, तो कर्मचारियों को रिलोकेशन पैकेज मिल सकता है, लेकिन स्थानीय विरोध बढ़ने की संभावना है। अपडेट्स के लिए SoI वेबसाइट (surveyofindia.gov.in) या DST पोर्टल चेक करें। उत्तराखंड सरकार की ओर से जल्द कोई बयान आ सकता है।
