पाक संसद में इमरान खान का मुद्दा गरमाया: मंत्री के बयान पर बवाल, PTI ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया
पाक संसद में इमरान खान का मुद्दा गरमाया: मंत्री के बयान पर बवाल, PTI ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के जेल में कैद जीवन को लेकर भारी हंगामा मच गया। अफगान मीडिया के हत्या के दावों और सोशल मीडिया पर ‘Where is Imran Khan?’ ट्रेंड के बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी सांसद फैसल जावेद ने सदन में चिल्लाते हुए कहा, “अगले 24 घंटे में इमरान खान को उनके परिवार से मिलने दिया जाए, वरना पूरे देश में आंदोलन तेज हो जाएगा।” यह बवाल विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान से भड़का, जिन्होंने इमरान को ‘स्पेशल जेल सुविधाओं’ का आनंद लेने वाला बताया, जिसे PTI ने ‘झूठा प्रचार’ करार दिया।
संसद का आपातकालीन सत्र गुरुवार शाम 5 बजे बुलाया गया था, जहां PTI सांसदों ने सदन में नारेबाजी की। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने कहा, “इमरान खान की बहनों को 8 बार मिलने से रोका गया। यह उनकी हत्या की साजिश का हिस्सा लगता है।” PTI प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने रॉयटर्स को बताया, “4 नवंबर से इमरान को कोई नहीं देख पाया। सरकार को तुरंत उनकी सेहत पर स्पष्ट बयान देना चाहिए।” अफगान मीडिया के दावे के बाद PTI कार्यकर्ताओं ने रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर धरना दिया, जहां पुलिस ने लाठीचार्ज किया। PTI ने कहा कि राज्य इमरान की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, लेकिन उन्हें वकीलों और परिवार से मिलने से वंचित रखा जा रहा है।
विदेश मंत्री आसिफ ने सदन में जवाब देते हुए कहा, “इमरान खान को जेल में विशेष सुविधाएं दी गई हैं, जैसे अलग बैरक और मेडिकल चेकअप। अफवाहें फैलाना बंद करें।” लेकिन PTI ने इसे खारिज करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इमरान को ‘अवैध रूप से अलग-थलग’ रख रही है। पार्टी ने मांग की कि तुरंत परिवारिक मुलाकात की इजाजत दी जाए, वरना संसद का बहिष्कार और सड़क पर प्रदर्शन शुरू हो जाएगा। इमरान की बहनों ने पंजाब पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर जेल के बाहर ‘बर्बर हमले’ की जांच की मांग की।
यह विवाद इमरान की 2023 से चली आ रही जेल जीवन का हिस्सा है। 14 साल की सजा काट रहे इमरान पर दर्जनों मुकदमे हैं, जिन्हें वे ‘राजनीतिक साजिश’ बताते हैं। PTI का दावा है कि सेना और शहबाज शरीफ सरकार मिलकर उन्हें दबा रही है। हाल ही में संवैधानिक संशोधन पर PTI का विरोध भी तेज हुआ, जहां सेना प्रमुख को आजीवन इम्युनिटी देने का प्रस्ताव है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अल्टीमेटम PTI को सड़क पर ला सकता है, जो आर्थिक संकट और आतंकी हमलों से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए खतरा बनेगा।
संसद में हंगामे के बीच शहबाज सरकार ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन स्रोतों के मुताबिक इमरान की सेहत पर पारदर्शिता के वादे की तैयारी है। क्या 24 घंटे में मुलाकात होगी? PTI का आंदोलन देशव्यापी होने का संकेत दे रहा है।
