पीएम मोदी का ‘गमछा मोमेंट’: नीतीश शपथग्रहण के बाद मंच से बिहार की जनता को किया अभिवादन, वायरल हो गया वीडियो
पीएम मोदी का ‘गमछा मोमेंट’: नीतीश शपथग्रहण के बाद मंच से बिहार की जनता को किया अभिवादन, वायरल हो गया वीडियो
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज एक तरफ नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘गमछा मोमेंट’ ने सबका दिल जीत लिया। एनडीए की प्रचंड जीत के बाद आयोजित इस भव्य समारोह में लाखों की जनता उमड़ी, और पीएम मोदी ने मंच से उतरते हुए पारंपरिक बिहारी गमछा लहराकर जनता का अभिवादन किया। यह उनका सिग्नेचर स्टाइल बन चुका है, जो बिहार की संस्कृति से जुड़ाव को दर्शाता है। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर #ModiKaGamcha ट्रेंड करने लगा।
दोपहर करीब 12:30 बजे समारोह समाप्त होने के बाद पीएम मोदी ने नीतीश कुमार के साथ मंच पर खड़े होकर जनता का धन्यवाद किया। नीली नेहरू जैकेट पहने मोदी ने हाथ में सफेद गमछा थामा और जोर-शोर से लहराया। भीड़ ने तालियों और नारों से जवाब दिया—’मोदी-मोदी’ और ‘जय बिहार’ के स्वर गूंज उठे। पीएम ने ट्वीट कर कहा, “बिहार की धरती पर एनडीए की जीत का उत्सव। गमछा लहराकर आप सभी का आभार। विकास की नई गति आएगी।”
यह पहली बार नहीं जब मोदी ने गमछा लहराया। चुनावी रैलियों से लेकर दिल्ली भाजपा मुख्यालय तक, यह उनका पसंदीदा जेस्चर बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बिहार की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का स्मार्ट तरीका है, जो एनडीए की एकजुटता को मजबूत करता है। समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और आंध्र के चंद्रबाबू नायडू जैसे दिग्गज मौजूद थे। नीतीश ने शपथ के बाद कहा, “एनडीए की सरकार विकास और समृद्धि लाएगी।”
गांधी मैदान, जहां 1974 में जयप्रकाश नारायण ने ‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा दिया था, आज फिर इतिहास रचा। एनडीए ने 243 सीटों में से 202 जीतीं, जो विपक्ष को धराशायी कर दिया। तेजस्वी यादव ने इसे ‘अस्थायी जीत’ कहा, लेकिन जनता का उत्साह कुछ और बयान कर रहा था। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच दो मंच बने, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने रंग जमाया।
पीएम मोदी का यह अभिवादन न केवल राजनीतिक था, बल्कि भावनात्मक भी। एक समर्थक ने कहा, “मोदी जी का गमछा बिहार का सम्मान है।” वायरल वीडियो में मोदी को नीतीश का हाथ थामे देखा गया, जो गठबंधन की मजबूती दिखाता है। क्या यह मोमेंट बिहार के विकास का नया अध्याय लिखेगा? नई सरकार के एजेंडे—रोजगार, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर—पर नजरें टिकी हैं। बिहार फिर पटरी पर दौड़ने को तैयार।
