बीजेपी नेता चैंपियन के बेटे पर कसा शिकंजा: मारपीट मामले में FIR के बाद 3 हथियार लाइसेंस निलंबित, निरस्ति की उम्मीद
बीजेपी नेता चैंपियन के बेटे पर कसा शिकंजा: मारपीट मामले में FIR के बाद 3 हथियार लाइसेंस निलंबित, निरस्ति की उम्मीद
उत्तराखंड में बीजेपी के विवादास्पद नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे कुंवर दिव्य प्रताप सिंह पर कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। पूर्व मुख्य सचिव आर.एस. टंडन के बेटे यशोवर्धन के साथ मारपीट के आरोपी दिव्य प्रताप के खिलाफ रविवार को देहरादून के मसूरी डिवीजन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को हरिद्वार जिला मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित ने उनके तीन असलहों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। सुनवाई के बाद इन लाइसेंसों के स्थायी रूप से निरस्त होने की पूरी संभावना है। यह कार्रवाई वायरल वीडियो और पुलिस जांच के आधार पर की गई है।
घटना शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे देहरादून के दिलाराम चौक के पास हुई। यशोवर्धन साईं मंदिर जा रहे थे, जिनकी कार उनके ड्राइवर ने चला रही थी। पैसिफिक मॉल के निकट एक सफेद लैंड क्रूजर और उसकी एस्कॉर्ट बोलरो ने उनकी कार को ओवरटेक करने की कोशिश की। वाहन रुकवाने के बाद दिव्य प्रताप सिंह और उनके गनर कांस्टेबल राजेश सिंह ने यशोवर्धन पर हमला बोल दिया। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि दिव्य प्रताप यशोवर्धन को घसीटते हुए मारपीट कर रहे हैं, जबकि पीड़ित रहम की भीख मांग रहा है। यशोवर्धन ने आरोप लगाया कि उनकी शर्ट पर लगा राष्ट्रीय ध्वज का प्रतीक भी अपमानित किया गया, जो आईपीसी की धारा 3 के तहत गंभीर अपराध है।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 323 (मारपीट), 504 (अपमान), 506 (धमकी) और 3(1)(x) (राष्ट्रीय ध्वज अपमान) के तहत मुकदमा दर्ज किया। गनर राजेश सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया, और SSP देहरादून अजय सिंह ने प्रारंभिक जांच पूरी कर ली। यशोवर्धन ने बताया कि वे परिवार के साथ थे, लेकिन हमलावरों ने ड्राइवर को भी धमकाया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हंगामा मच गया, जिससे पुलिस हरकत में आ गई।
हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने सोमवार को दिव्य प्रताप के तीन हथियारों—शस्त्र लाइसेंस नंबर 2108/13 (रिवॉल्वर), 2109/13 (रिवॉल्वर) और 2104/13 (बंदूक)—के लाइसेंस निलंबित कर दिए। यह फैसला पुलिस रिपोर्ट और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया। डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है, और सुनवाई के बाद निरस्ति तय मानी जा रही है। जून 2025 में भूमि घोटाले के बाद डीएम पद पर तैनात हुए मयूर दीक्षित ने इसे ‘कानून से ऊपर किसी को न रखने’ का संदेश बताया।
कुंवर प्रणव चैंपियन, जो खानपुर से पूर्व विधायक हैं, खुद कई विवादों में घिरे रहे हैं। जनवरी 2025 में उमेश कुमार के साथ फायरिंग विवाद में उनके और परिवार के नौ लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। विपक्ष ने इसे ‘बीजेपी का गुंडा राज’ करार दिया, जबकि पार्टी ने चुप्पी साधी है। यशोवर्धन के पिता आर.एस. टंडन, जो 2021-24 तक मुख्य सचिव रहे, ने कहा, “कानून अपना काम करेगा।” पुलिस ने दिव्य प्रताप को समन जारी किया है, और पूछताछ की तैयारी है।
यह मामला उत्तराखंड की सियासत में हलचल मचा रहा है। कुल मिलाकर, चैंपियन परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है, जो कानून के राज की मिसाल बनेगा।
