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यूपी में स्कूलों में गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: सीएम योगी का ऐलान, राष्ट्रगीत अनिवार्य – राष्ट्रीय एकता को मिलेगा मजबूती

यूपी में स्कूलों में गूंजेगा ‘वंदे मातरम’: सीएम योगी का ऐलान, राष्ट्रगीत अनिवार्य – राष्ट्रीय एकता को मिलेगा मजबूती

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य करने का बड़ा ऐलान किया है। यह घोषणा सोमवार (10 नवंबर 2025) को गोरखपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के तहत आयोजित ‘एकता यात्रा’ के उद्घाटन के दौरान की गई। सीएम ने कहा कि यह कदम छात्रों में भारत माता के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रीय एकता की भावना जगाने के लिए उठाया जा रहा है। ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह फैसला राज्य स्तर पर विशेष कार्यक्रमों का हिस्सा बनेगा।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने ‘एकता यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई, जो प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में 8 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के रूप में चलेगी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। इसे हर स्कूल-कॉलेज में नियमित रूप से गाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी में देशभक्ति का जज्बा पैदा हो।” योगी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए जोड़ा कि 1876 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया। उन्होंने दावा किया कि अगर कांग्रेस ने स्वतंत्रता पूर्व ‘वंदे मातरम’ का सम्मान किया होता, तो देश का विभाजन न होता। “अब देश में कोई दूसरा जिन्ना पैदा नहीं होने देंगे,” उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा।

यह फैसला सरदार पटेल की एकीकरण नीतियों से प्रेरित है। सीएम ने गुजरात के सरदार सरोवर डैम का उदाहरण देते हुए कहा कि पटेल ने 562 रियासतों को एक सूत्र में बांधा, उसी तरह ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय एकता का माध्यम बनेगा। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी संस्थानों में सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक गायन सुनिश्चित हो। BJP कार्यकर्ताओं ने इसे स्वागतयोग्य बताया, जबकि विपक्ष ने सवाल उठाए कि क्या यह धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करेगा? एक कांग्रेस नेता ने कहा, “राष्ट्रगीत का सम्मान तो ठीक, लेकिन अनिवार्यता संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) का उल्लंघन हो सकती है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत करेगा। पहले भी केरल और केरल जैसे राज्यों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर विवाद हुआ था, लेकिन योगी सरकार इसे ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। एकता यात्रा के तहत पूरे प्रदेश में रैलियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सीएम ने अपील की कि सभी नागरिक इसमें भाग लें। यह ऐलान 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP की राष्ट्रवादी छवि को और चमकाने का प्रयास माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ से अधिक छात्र अब ‘वंदे मातरम’ के माध्यम से देशभक्ति सीखेंगे। सरकार ने कहा कि गायन के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे। यह फैसला न केवल शिक्षा को सांस्कृतिक रंग देगा, बल्कि युवाओं में एकता का भाव भी भर देगा।

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