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हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का निधन: 85 वर्ष की आयु में लंदन के अस्पताल में ली आखिरी सांस, वैश्विक साम्राज्य के पीछे थी उनकी दूरदर्शिता

हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद हिंदुजा का निधन: 85 वर्ष की आयु में लंदन के अस्पताल में ली आखिरी सांस, वैश्विक साम्राज्य के पीछे थी उनकी दूरदर्शिता

भारतवंशी ब्रिटिश अरबपति और हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन गोपीचंद पी. हिंदुजा (GP हिंदुजा) का आज 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंदन के एक अस्पताल में कई हफ्तों से बीमार चल रहे थे। हिंदुजा परिवार के करीबी स्रोतों ने PTI को बताया कि GP का निधन मंगलवार को हुआ, जो वैश्विक व्यापार जगत के लिए एक बड़ा झटका है। वे सात साल लगातार यूके के सबसे अमीर व्यक्ति रहे, और उनके नेतृत्व में हिंदुजा ग्रुप का साम्राज्य 38 अरब डॉलर (करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचा। ब्रिटिश सांसद रामी रेंजर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “GP एक विनम्र, वफादार और उदार मित्र थे। उनका जाना एक युग का अंत है।”

गोपीचंद हिंदुजा हिंदुजा परिवार के दूसरे सबसे बड़े भाई थे। मई 2023 में उनके बड़े भाई श्रीचंद (SP हिंदुजा) के निधन के बाद उन्होंने ग्रुप की कमान संभाली। हिंदुजा ग्रुप, जो 1914 में उनके पिता परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने सिंध (अब पाकिस्तान) में स्थापित किया था, आज 11 क्षेत्रों में फैला है – ऑटोमोबाइल से लेकर बैंकिंग, एनर्जी, मीडिया तक। ग्रुप के प्रमुख ब्रांड्स में अशोक लेलैंड, इंडसइंड बैंक, गल्फ ऑयल और NXT डिजिटल शामिल हैं।

जीवन परिचय: मुंबई से लंदन तक का सफर

गोपीचंद का जन्म जनवरी 1940 में मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में हुआ। वे चार भाइयों – श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक – में दूसरे थे। परिवार का कारोबार शुरू में व्यापार से जुड़ा था, जो ईरान होते हुए 1970 के दशक में लंदन शिफ्ट हो गया। GP ने ग्रुप को वैश्विक स्तर पर विस्तार दिया, खासकर फाइनेंस, ऑटो और IT सेक्टर में। 2025 की रिच लिस्ट के अनुसार, हिंदुजा परिवार की संपत्ति £35 अरब (करीब 3.8 अरब डॉलर) थी, जो उन्हें यूके का सबसे अमीर परिवार बनाती है।

वे ‘मदद करो, लेकिन दिखावा मत करो’ के सिद्धांत पर चलते थे। हिंदुजा फाउंडेशन के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कला में करोड़ों का दान किया। GP को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

परिवार और उत्तराधिकार: पत्नी, दो बेटे और एक बेटी

GP के निधन से उनके परिवार पर शोक की लहर है। वे अपनी पत्नी सुनीता हिंदुजा के साथ लंदन में रहते थे। उनके दो बेटे – संजय और धीरज – और एक बेटी रीता हैं। ग्रुप का संचालन चार भाइयों और उनके बच्चों के बीच बंटा है। बड़े भाई श्रीचंद के निधन के बाद GP चेयरमैन बने, लेकिन अब संजय हिंदुजा ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। परिवार ने कहा, “GP का योगदान अमर रहेगा।”

वैश्विक व्यापार पर असर: ग्रुप का भविष्य मजबूत

हिंदुजा ग्रुप 35 देशों में सक्रिय है, जिसमें 1,50,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। GP के नेतृत्व में ग्रुप ने हाल ही में आंध्र प्रदेश में 20,000 करोड़ का निवेश घोषित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका निधन ग्रुप के लिए चुनौती नहीं, बल्कि निरंतरता का प्रतीक होगा, क्योंकि अगली पीढ़ी तैयार है।

भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और रतन टाटा जैसे दिग्गजों के साथ GP का नाम लिया जाता था। उनका जाना न सिर्फ व्यापार जगत, बल्कि भारत-यूके संबंधों के लिए भी क्षति है। अंतिम संस्कार लंदन में होगा, और भारत में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित होंगी।

शोकाकुल परिवार को सांत्वना। GP हिंदुजा की विरासत वैश्विक स्तर पर बनी रहेगी!

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