उत्तराखंड रजत जयंती: 3-4 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित कर सकती हैं
उत्तराखंड रजत जयंती: 3-4 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित कर सकती हैं
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती (25 वर्ष) के अवसर पर 3 और 4 नवंबर को उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आहूत किया जाएगा। इस सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित करने वाली हैं। इसी तैयारियों को लेकर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई।
बैठक में शासन के सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। पुलिस-प्रशासन, सूचना एवं जनसंपर्क, चिकित्सा, ऊर्जा, पेयजल, लोक निर्माण, परिवहन और विधानसभा सचिवालय के आला अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य फोकस राष्ट्रपति के विधानसभा आगमन पर रहा। सुरक्षा प्रोटोकॉल, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, बिजली-पानी आपूर्ति और अन्य लॉजिस्टिक्स पर विस्तृत समीक्षा की गई।
अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने निर्देश दिए कि सत्र पूरी तरह निपक्षीय और भव्य हो। राष्ट्रपति का संबोधन राज्य के 25 वर्षों की उपलब्धियों पर केंद्रित होगा। सत्र में राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि, विकास यात्रा पर चर्चा और भविष्य की योजनाएं शामिल होंगी। गैरसैंण में सत्र आयोजित होने से पहाड़ी क्षेत्र में उत्साह है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “रजत जयंती उत्तराखंड की प्रगति का प्रतीक बनेगी। राष्ट्रपति का आगमन गौरव का क्षण।” कांग्रेस ने इसे “सकारात्मक कदम” बताया, लेकिन विपक्षी मुद्दों पर बहस की मांग की।
तैयारियां जोरों पर:
सुरक्षा: SPG के साथ स्थानीय पुलिस अलर्ट।
स्वागत: सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य।
लाइव टेलीकास्ट: दूरदर्शन और यूट्यूब पर।
यह सत्र राज्य की एकजुटता दिखाएगा। 1 नवंबर को शहीद दिवस के बाद सत्र शुरू होगा। पर्यटक स्थलों पर भी विशेष आयोजन। उत्तराखंड विकास और संस्कृति का संदेश देगा।
