लखनऊ के शीतला माता मंदिर में दलित बुजुर्ग से अमानवीय व्यवहार: राजनीति गरमाई, AIMIM नेता पहुंचे पीड़ित के पास, BSP ने दी आंदोलन की धमकी
लखनऊ के शीतला माता मंदिर में दलित बुजुर्ग से अमानवीय व्यवहार: राजनीति गरमाई, AIMIM नेता पहुंचे पीड़ित के पास, BSP ने दी आंदोलन की धमकी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के काकोरी इलाके में शीतला माता मंदिर परिसर में एक दलित बुजुर्ग के साथ हुई अमानवीय घटना ने राज्य की राजनीति को भूचाल ला दिया है। 20 अक्टूबर की रात मंदिर में पूजा करने गए 65 वर्षीय रामपाल के साथ दबंगों ने ऐसी बर्बरता की, जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। घटना के वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दल सक्रिय हो गए—AIMIM के नेता पीड़ित से मिलने पहुंचे, जबकि BSP ने आंदोलन की धमकी दी। सपा और कांग्रेस ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा, तो बीजेपी ने इसे ‘अपराध’ बताते हुए सख्त कार्रवाई का दावा किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
रामपाल काकोरी के निवासी हैं और मंदिर में पूजा के बाद थकान महसूस कर चबूतरे पर बैठ गए। उसी दौरान उनकी पेशाब निकल गई, जिस पर मंदिर के पुजारी और कुछ दबंगों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने रामपाल को गालियां दीं, थप्पड़ मारे और जबरन अपना ही पेशाब चाटने पर मजबूर कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी रामपाल को पकड़कर चबूतरे पर लिटा देते हैं और अपमानजनक हरकत करते हैं। पीड़ित ने बताया, “मैंने माफी मांगी, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी।”
घटना की पूरी समयरेखा
– 20 अक्टूबर रात: रामपाल मंदिर पहुंचे। पूजा के बाद चबूतरे पर बैठे, जहां पेशाब निकल गई।
– अमानवीय व्यवहार: पुजारी रामेश्वर पांडे और उनके साथियों ने रामपाल को पीटा, अपशब्द कहे और पेशाब चाटने को कहा। पूरा वीडियो रामपाल के बेटे ने रिकॉर्ड किया।
– 21 अक्टूबर: वीडियो वायरल होने पर काकोरी पुलिस ने मुख्य आरोपी रामेश्वर पांडे को गिरफ्तार किया। अन्य दो आरोपी फरार हैं।
– राजनीतिक हलचल: AIMIM के लखनऊ अध्यक्ष शाहिद अख्तर ने रामपाल से मुलाकात की। BSP ने आंदोलन की चेतावनी दी।
राजनीतिक रिएक्शन्स: विपक्ष ने सरकार को घेरा
– AIMIM का कदम: AIMIM नेता शाहिद अख्तर ने मंगलवार को रामपाल के घर पहुंचकर हाल जाना। उन्होंने कहा, “यह दलितों पर अत्याचार की साजिश है। हम पीड़ित के साथ खड़े हैं और न्याय सुनिश्चित करेंगे।” AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर योगी सरकार को ‘दलित-विरोधी’ बताया।
– BSP की धमकी: बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने इसे ‘सामाजिक न्याय पर हमला’ करार दिया। पार्टी ने कहा, “यदि दोषियों को सजा न मिली, तो पूरे UP में आंदोलन छेड़ेंगे।” BSP सुप्रीमो मायावती ने वीडियो शेयर कर लिखा, “दलितों के साथ यह अमानवीयता भाजपा शासन का चरित्र दर्शाती है।”
– सपा का हमला: सपा चीफ अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मंदिर में दलितों को अपमानित करना भाजपा की साजिश है। योगी जी, दलितों की रक्षा करें या कुर्सी छोड़ दें।” सपा ने काकोरी में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया।
– कांग्रेस का रुख: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “UP में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहा है। सरकार जिम्मेदार है।” पार्टी ने SC/ST एक्ट के सख्ती से अमल की मांग की।
– बीजेपी का बचाव: BJP प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “यह व्यक्तिगत अपराध है, न कि सांप्रदायिक। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। योगी सरकार जीरो टॉलरेंस पर चल रही है।” CM योगी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
यह घटना UP में दलित अत्याचार के बढ़ते मामलों को उजागर करती है। 2025 में अब तक 150 से ज्यादा ऐसे केस दर्ज हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राजनीतिकरण से जुड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले।
पुलिस जांच जारी है, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। यह घटना समाज में छिपे भेदभाव को सामने ला रही है। क्या विपक्ष का आंदोलन सड़कों पर उतरेगा? नजरें योगी सरकार पर टिकी हैं।
