राजनीति

‘अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर…’, अखिलेश का BJP पर तीखा तंज: दीपोत्सव विज्ञापन से डिप्टी CM गायब, क्या पद खत्म?

‘अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर…’, अखिलेश का BJP पर तीखा तंज: दीपोत्सव विज्ञापन से डिप्टी CM गायब, क्या पद खत्म?

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या दीपोत्सव 2025 के सरकारी विज्ञापन को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर तंज कसा है। विज्ञापन में मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें तो हैं, लेकिन दोनों उपमुख्यमंत्रियों—केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक—के नाम या फोटो गायब हैं। अखिलेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “अबकी बार, डिप्टी सीएम बाहर… जनता पूछ रही है कि यूपी की बीजेपी सरकार में ‘उप मुख्यमंत्री’ के दोनों पद समाप्त कर दिए गए हैं क्या?”यह बयान दीपोत्सव के पहले दिन आया, जब दोनों डिप्टी सीएम ने अयोध्या दौरा रद्द कर दिया।

अखिलेश का तंज विज्ञापन से शुरू होकर डिप्टी सीएम के नदारद रहने तक फैला। उन्होंने लिखा, “अयोध्या में दीपोत्सव का इतना बड़ा आयोजन हो रहा है, करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार के ही दो उप मुख्यमंत्रियों को पोस्टर से बाहर कर दिया गया। क्या अब भाजपा में सीएम के आगे किसी की बात नहीं सुनी जाती?” सपा नेता ने इसे “संदेश” करार दिया, जो BJP की आंतरिक कलह को उजागर करता है। अखिलेश ने आगे कहा कि जनता देख रही है कि “जिनको जगह न मिली, वे घर पर ही रह गए।” यह टिप्पणी डिप्टी सीएम के अयोध्या न आने पर भी थी।

डिप्टी सीएम का दौरा रद्द: नाराजगी या संयोग?

दोनों उपमुख्यमंत्री अयोध्या दीपोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया। केशव प्रसाद मौर्य बिहार चुनाव के सह-प्रभारी हैं, इसलिए वे लखनऊ स्थित आवास पर ही रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। ब्रजेश पाठक ने भी अपना दौरा कैंसिल कर दिया, हालांकि कारण स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, वे नाराज चल रहे हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी अयोध्या दौरा रद्द कर दिया। दीपोत्सव में 26 लाख दीयों का प्रज्वलन, 2100 वैदिक विद्वानों की सामूहिक आरती और 1100 ड्रोन शो होगा, लेकिन डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

BJP का पलटवार: ‘सपा का पुराना हथकंडा’

BJP ने अखिलेश के बयान को खारिज करते हुए कहा कि यह सपा का “राम विरोधी” एजेंडा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “राम मंदिर आंदोलन का विरोध करने वाली सपा अब दीपोत्सव पर जल रही है। विज्ञापन में योगी जी और मोदी जी का सम्मान है, डिप्टी सीएम खुद अनुपस्थित हैं तो क्या करें?” BJP ने इसे “सांप्रदायिक राजनीति” का हथियार बताया। सपा ने सफाई दी कि अखिलेश का बयान “विकास और समावेशिता” पर था, न कि विरोध पर।

यह विवाद अखिलेश-केशव की पुरानी रंजिश को ताजा कर रहा है। अखिलेश केशव को “स्टूल मंत्री” कह चुके हैं, जबकि केशव सपा को “समाप्तवादी पार्टी” बताते हैं। राजनीतिक विश्लेषक ओम प्रकाश सिंह ने कहा, “यह BJP की आंतरिक कलह को उजागर करता है। 2027 चुनावों से पहले सपा को मुद्दा मिल गया।” दीपोत्सव जारी है, लेकिन राजनीतिक तापमान चढ़ गया है।

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