पाकिस्तान का दोगलापन: सीजफायर बढ़ाने के कुछ घंटों बाद अफगानिस्तान के पक्तिका पर एयरस्ट्राइक
पाकिस्तान का दोगलापन: सीजफायर बढ़ाने के कुछ घंटों बाद अफगानिस्तान के पक्तिका पर एयरस्ट्राइक
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई जारी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ 48 घंटे के युद्ध विराम को बढ़ाने पर सहमति जताने के महज कुछ घंटों बाद, डूरंड लाइन के पास स्थित पक्तिका प्रांत के अर्गुन और बर्मल जिलों में हवाई हमले कर दिए। यह घटना गुरुवार को हुई, जब तालिबान सरकार ने हमलों की निंदा की और इसे “सीजफायर का उल्लंघन” बताया। अभी तक कोई हताहत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय निवासियों के घरों को निशाना बनाया गया।
TOLO न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान ने कथित तौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया। यह हमले दोहा में चल रही बातचीत के बीच हुए, जहां दोनों देश सीमा तनाव कम करने पर सहमत हुए थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि युद्ध विराम दोपहर 1 बजे से प्रभावी था, लेकिन अफगानिस्तान ने आरोप लगाया कि हमले उसके बाद ही हुए। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यह पाकिस्तान की आक्रामकता का प्रमाण है, जो हमारी संप्रभुता का उल्लंघन करता है।” पाकिस्तान ने हमलों की पुष्टि नहीं की, लेकिन उसके सैन्य प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि “सीमा पर आतंकी गतिविधियां जारी हैं।”
यह घटना 9 अक्टूबर को पाकिस्तान द्वारा काबुल, खोस्ट, जलालाबाद और पक्तिका पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी का हिस्सा लगती है, जिसमें TTP नेता नूर वाली मेहसूद को निशाना बनाया गया था। इन हमलों से अफगानिस्तान में 12 से अधिक नागरिक मारे गए थे। उसके बाद सीमा पर स्पिन बोल्डक और चमन में भारी झड़पें हुईं, जिसमें 40 से ज्यादा मौतें हुईं। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से स्थायी युद्ध विराम की अपील की है, जबकि कतर ने दोहा में शांति वार्ता की पेशकश की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह “दोगलापन” TTP जैसे समूहों के खिलाफ उसकी आंतरिक सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित है, लेकिन यह अफगानिस्तान के साथ संबंधों को और खराब कर सकता है। तालिबान ने कहा कि अगर हमले जारी रहे, तो जवाबी कार्रवाई होगी। फिलहाल, युद्ध विराम को एक और 48 घंटे बढ़ाने पर सहमति बनी है, लेकिन पक्तिका हमले ने शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
