बिहार: महागठबंधन में तकरार बरकरार, कई सीटों पर घटक दलों के उम्मीदवार आमने-सामने
बिहार: महागठबंधन में तकरार बरकरार, कई सीटों पर घटक दलों के उम्मीदवार आमने-सामने
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख (17 अक्टूबर) समाप्त होने के बावजूद महागठबंधन में सीट बंटवारे पर गतिरोध बना हुआ है। आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दलों और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बीच विवाद इतना गहरा हो गया है कि कई सीटों पर घटक दलों के उम्मीदवार आमने-सामने आ चुके हैं। यह स्थिति गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि एनडीए ने सीट बंटवारा पूरा कर लिया है।
कांग्रेस ने गुरुवार रात को 48 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें राज्य अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा से टिकट दिया गया। लेकिन सीट बंटवारे की प्रतीक्षा में नामांकन भरने के बाद उम्मीदवारों को वापस लेने का विकल्प खुला है। इसी तरह, सीपीआई(एमएल) ने 18 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें बिभूतिपुर से अजय कुमार और मांझी से सत्येंद्र यादव शामिल हैं। आरजेडी ने वैशाली से अजय कुशवाहा और लालगंज से मुनना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को टिकट दिया। लेकिन जले सीट पर विवाद चरम पर है—आरजेडी ने कांग्रेस को यह सीट देने का वादा किया था, लेकिन अपनी ओर से ऋषि मिश्रा को उम्मीदवार बना दिया।इससे कांग्रेस में नाराजगी है, और पार्टी नेता अखिलेश सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं, लेकिन सीट विवाद सुलझना जरूरी है।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने ऐलान किया कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन सभी 243 सीटों पर प्रचार करेंगे। सहनी 60 सीटों की मांग पर अड़े हैं, जबकि गठबंधन उन्हें 15-18 सीटें ही देने को तैयार है। भाजपा नेता गुरु प्रकाश पासवान ने इसे “महागठबंधन का बड़ा फूट” बताया, जबकि दिलीप जायसवाल ने कहा कि गठबंधन में “आपसी टकराव” चल रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि नए सहयोगियों को समायोजित करने में देरी हो रही है, लेकिन दो-तीन दिनों में सीटें तय हो जाएंगी।
एनडीए ने बीजेपी और जेडीयू को 101-101, एलजेपी (रामविलास) को 29 सीटें दी हैं। जेडीयू ने 44 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जिसमें नवीनगर से चेतन आनंद और नवादा से विभा देवी जैसे पूर्व आरजेडी नेताओं को टिकट दिया। भाजपा ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को फिर से उतारा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकरार महागठबंधन के वोट बैंक को बांट सकती है, खासकर मुस्लिम-यादव और पिछड़े वर्गों में। पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा, जबकि गिनती 14 नवंबर को। गठबंधन की अंतिम बैठक आज पटना में हो सकती है, लेकिन समय कम है।
