नीतीश सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा का दिखा अलग अंदाज, साइकिल से दाखिल किया नामांकन
नीतीश सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा का दिखा अलग अंदाज, साइकिल से दाखिल किया नामांकन
दरभंगा: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन प्रक्रिया के बीच नीतीश कुमार सरकार के कैबिनेट मंत्री जीवेश मिश्रा ने अनोखे अंदाज में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सबका ध्यान खींच लिया। जाले विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार मिश्रा ने साइकिल पर सवार होकर दरभंगा जिला मुख्यालय पहुंचकर विकास भवन में नामांकन किया। यह घटना गुरुवार को हुई, जब वे सैदनगर काली मंदिर से करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए साइकिल चलाते नजर आए। उनके साथ सैकड़ों समर्थक पैदल या वाहनों से चल रहे थे, लेकिन मंत्री जी का सादगीपूर्ण अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मिश्रा, जो बिहार सरकार में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री हैं, ने कहा, “साइकिल बिहार की सादगी और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में हम विकास के साथ सादगी को बढ़ावा देते हैं।” उन्होंने बताया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला था, जो जनता से जुड़ाव दिखाने का माध्यम बनेगा। नामांकन से पहले मंदिर में पूजा-अर्चना की और समर्थकों के साथ रोड शो किया। वीडियो में मिश्रा साइकिल पर हंसते-मुस्कुराते दिख रहे हैं, जबकि उनके पीछे झंडे लहराते कार्यकर्ता चिल्ला रहे थे, “जीवेश भैया जिंदाबाद!”
यह घटना बिहार चुनावी माहौल में सादगी की मिसाल बन गई। कुछ लोगों ने इसे सराहा, “मंत्री साहब ने दिखाया कि सत्ता में रहते हुए भी आम आदमी से जुड़ना संभव है।” वहीं, विपक्ष ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया। एक आरजेडी नेता ने कहा, “चुनाव के समय साइकिल, बाकी समय लग्जरी कारें—यह तो पुराना दांव है।” जाले सीट एनडीए का गढ़ मानी जाती है, जहां मिश्रा 2010 से लगातार विधायक हैं। 2020 में उन्होंने आरजेडी के अरविंद सिंह को 20 हजार वोटों से हराया था।
बिहार चुनाव में नामांकन का सिलसिला तेज हो गया है। जेडीयू ने सीट शेयरिंग विवाद के बीच कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें मिश्रा जैसे मंत्रियों को टिकट दिए गए। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय से, मंत्री नितिन नवीन बांकीपुर से नामांकन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि मिश्रा का यह कदम ग्रामीण वोटरों को प्रभावित कर सकता है, खासकर युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों को। जाले में विकास कार्यों जैसे सड़क, आवास योजनाओं का हवाला देकर मिश्रा जीत की उम्मीद जता रहे हैं।
नीतीश कुमार ने हाल ही में गठबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। मिश्रा की यह सादगी एनडीए की छवि को साफ-सुथरा बनाने में मददगार साबित हो सकती है। वोटिंग 6 और 11 नवंबर को होगी। बिहार की जनता अब देख रही है कि साइकिल की सवारी चुनावी रेस में कितनी दूर ले जाती है।
