बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की 48 उम्मीदवारों की पहली सूची, शकील अहमद कदवा से और राजेश राम कुटुम्बा से मैदान में
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस ने जारी की 48 उम्मीदवारों की पहली सूची, शकील अहमद कदवा से और राजेश राम कुटुम्बा से मैदान में
बिहार चुनाव की सरगर्मी चरम पर पहुंचते ही कांग्रेस ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी, जिसमें कुल 48 नाम शामिल हैं। यह ऐलान महागठबंधन में सीट बंटवारे की अनिश्चितता के बीच आया है, जहां RJD के साथ बातचीत अभी पूरी तरह सुलझी नहीं है। सूची में सिटिंग विधायक शकील अहमद खान को कदवा सीट से और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को कुटुम्बा से टिकट दिया गया है। पार्टी का दावा है कि यह सूची गठबंधन के हिसाब से तैयार की गई है, लेकिन RJD की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पहले चरण के नामांकन कल (17 अक्टूबर) से शुरू हो रहे हैं, ऐसे में यह कदम कांग्रेस को मजबूत पोजीशन देने की कोशिश नजर आ रही है।
सूची जारी होने का संदर्भ: रणनीति या जल्दबाजी?
– केंद्रीय चुनाव समिति की भूमिका: दिल्ली में मंगलवार को हुई केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में इन नामों पर अंतिम सहमति बनी। प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, राजेश राम और विधायक दल नेता शकील अहमद खान पटना लौटते ही उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल वितरित करने लगे। कांग्रेस का कहना है कि यह सूची पहले चरण की 43 सीटों और कुछ बाद के चरणों को कवर करती है, जहां पार्टी के पारंपरिक गढ़ मजबूत करने पर फोकस है।
– महागठबंधन में तनाव: RJD 55-58 सीटें देने पर अड़ी है, जबकि कांग्रेस 60-65 चाहती है। 2020 में 70 सीटें मिलने के बावजूद कांग्रेस सिर्फ 19 पर जीती थी, इसलिए इस बार वे ईबीसी, दलित और अल्पसंख्यक समीकरणों पर जोर दे रही हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि सहमति जल्द बनेगी, लेकिन सूची जारी होते ही RJD कार्यालयों में असहजता दिखी।
– सूची का दायरा: कुल 243 सीटों में से यह पहली लिस्ट पहले चरण पर केंद्रित है, लेकिन कुछ नाम बाद के चरणों के भी हैं। पार्टी ने 5 महिलाओं और 12 युवाओं को जगह दी है, जो ‘समावेशी प्रतिनिधित्व’ की थीम को मजबूत करती है।
प्रमुख उम्मीदवार: हाइलाइट्स और चुनौतियां
सूची में अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों का मिश्रण है। कुछ प्रमुख नाम:
– शकील अहमद खान (कदवा): विधायक दल के नेता, जो 2020 में भी यहां से जीते थे। मुस्लिम बहुल सीट पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे कहते हैं, “यह सीट कांग्रेस का गढ़ है, हम विकास के मुद्दों पर जीतेंगे।”
– राजेश राम (कुटुम्बा): प्रदेश अध्यक्ष, जो अपनी सिटिंग सीट से फिर उतरेंगे। 2020 में दूसरे नंबर पर रहे, लेकिन इस बार पार्टी का पूरा दांव यहां लगाया है।
– अन्य उल्लेखनीय: आनंद शंकर सिंह (औरंगाबाद), ग़रीब दास (बछवाड़ा), जितेंद्र सिंह (कहलगांव), अमरपुर से कुशवाहा, विजेंद्र चौधरी (मुजफ्फरपुर), इजहारुल हुसैन (किशनगंज)।
बेगूसराय से अमिता भूषण (महिला आरक्षित) और सुल्तानगंज से लालन कुमार जैसे नाम भी शामिल हैं।
विवाद का केंद्र: बिक्रम और अन्य सीटों पर हंगामा
– एयरपोर्ट पर बवाल: पटना एयरपोर्ट पर नेताओं के स्वागत में कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बिक्रम सीट पर अनिल कुमार को टिकट मिलने से सिद्धार्थ सुप्रिय समर्थकों ने विरोध किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात संभाले। कृष्णा अल्लावरु ने कहा, “आंतरिक मतभेद सुलझ जाएंगे, फोकस चुनाव पर है।”
– अन्य असंतोष: कुछ सीटों पर ‘बाहरी’ उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी। पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए सूची प्रचारित की, लेकिन ग्राउंड लेवल पर असंतोष साफ दिख रहा है।
गठबंधन और आगे की राह: क्या होगा असर?
– RJD का स्टैंड: RJD ने अपनी 100+ सीटों पर सिंबल बांटना शुरू कर दिया है, लेकिन फुल लिस्ट कल आने की उम्मीद। महागठबंधन की शुक्रवार तक सीट शेयरिंग घोषणा हो सकती है।
– NDA का लाभ: BJP ने 101 सीटों की तीसरी लिस्ट जारी कर ली, JDU को 50+ मिलीं। यह कांग्रेस के लिए दबाव बढ़ा रहा है।
– कांग्रेस की अपेक्षाएं: राहुल गांधी ने बिहार नेताओं से एकजुट रहने को कहा। पार्टी का टारगेट 25-30 सीटें, जो 2020 से बेहतर हो।
यह सूची बिहार की सियासत में नया ट्विस्ट ला रही है। महागठबंधन टूटेगा या मजबूत होगा? नामांकन कल से नजरें उम्मीदवारों पर। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।

