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हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा: ASI संदीप लाठर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में IPS पूरन कुमार पर गंभीर आरोप

हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा: ASI संदीप लाठर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में IPS पूरन कुमार पर गंभीर आरोप

हरियाणा पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोपों ने एक और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। रोहतक के साइबर सेल में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) संदीप लाठर ने सोमवार रात अपने सरकारी आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से पुलिस को तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज बरामद हुआ है, जिसमें लाठर ने दिवंगत IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार, जातिवाद और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में उन्होंने DGP शत्रुजीत सिंह कपूर को “ईमानदार” बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि लाठर ने रात करीब 10 बजे खुद को गोली मारी थी। उनका शव फर्श पर पड़ा मिला, जबकि रिवॉल्वर पास ही थी। सुसाइड नोट में लाठर ने लिखा, “आईजी पूरन कुमार ने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को IG दफ्तर में तैनाती देकर ईमानदार अफसरों का तबादला करवा दिया। वे फाइलों के नाम पर मुलाजिमों को बुलाकर डराते थे और पैसे वसूलते थे। रोहतक रेंज से फाइलें मंगाकर छोटी-मोटी कमियां निकालकर मेंटल टॉर्चर किया जाता था।” वीडियो मैसेज में भी उन्होंने IPS पूरन कुमार पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि भ्रष्ट सिस्टम से तंग आकर यह कदम उठा रहे हैं।

यह घटना हाल ही में IPS वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या से जुड़े केस की जांच के दौरान हुई है। 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ में पूरन कुमार ने खुदकुशी की थी, जिनके 9 पन्नों के सुसाइड नोट में DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया समेत 13 अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिवाद और करियर बर्बाद करने के आरोप थे। पूरन कुमार की पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार की शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद DGP कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया, जबकि रोहतक SP का ट्रांसफर हो गया। ASI लाठर उसी केस की जांच कर रहे थे, और उनके नोट से साफ है कि पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोपों ने उन्हें तोड़ दिया।

विपक्षी दलों ने इस घटना को “पुलिस महकमे में सड़न” का प्रतीक बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, “दो-दो पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या से साफ है कि BJP राज में ईमानदार अफसरों का क्या हाल होता है। CBI जांच जरूरी है।” वहीं, हरियाणा सरकार ने मामले को गंभीर बताते हुए SIT गठित करने का ऐलान किया है। कार्यवाहक DGP ओपी सिंह ने कहा, “सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी। विभाग में सुधार के कदम उठाए जाएंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पुलिस रैंक में जातिगत भेदभाव और भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है।

लाठर के परिवार ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंप दिया है। पुलिस ने सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। यह मामला अब CBI के दायरे में जा सकता है, क्योंकि इसमें वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम जुड़े हैं। हरियाणा पुलिस में हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जो सिस्टम की खामियों को दर्शाती हैं।

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