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UNGA में विदेश मंत्री जयशंकर का धमाकेदार संबोधन: ‘पाकिस्तान आतंकवाद का एपिसेंटर’, पहलगाम हमले पर साधा निशाना

UNGA में विदेश मंत्री जयशंकर का धमाकेदार संबोधन: ‘पाकिस्तान आतंकवाद का एपिसेंटर’, पहलगाम हमले पर साधा निशाना

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत आवाज बुलंद की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को जनरल डिबेट को संबोधित करते हुए वैश्विक चुनौतियों पर भारत का नजरिया पेश किया। उन्होंने पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला, उसे ‘आतंकवाद का एपिसेंटर’ बताते हुए अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया। जयशंकर ने कहा, “हमारे पास एक ऐसा पड़ोसी है जो आतंकवाद का एपिसेंटर है। पहलगाम हमले ने जम्मू-कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को निशाना बनाया और धार्मिक विभाजन बोना चाहा।” संबोधन की शुरुआत ‘भारत के लोगों की ओर से नमस्कार’ कहकर की, जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक बना।

संबोधन के मुख्य बिंदु: आतंकवाद से बहुपक्षीयता तक, भारत का मजबूत रुख

जयशंकर ने 8 दशकों बाद UN की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि बहुपक्षीयता ‘हमले के शिकार’ हो रही है, लेकिन ग्लोबल साउथ को मजबूत एकजुटता की जरूरत है। उन्होंने BRICS की 2026 अध्यक्षता का जिक्र करते हुए खाद्य-अनाज सुरक्षा, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और UN सुधारों पर जोर दिया। पहलगाम हमले पर कहा, “यह हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ, जिसमें 26 निर्दोषों की जान गई। पाकिस्तान ने इसे छिपाने की कोशिश की, लेकिन दुनिया जानती है कि आतंकवाद उनकी विदेश नीति का केंद्र है।”

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का अप्रत्यक्ष संदर्भ देते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर कायम रहेगा। वैश्विक व्यापार पर चिंता जताते हुए कहा, “टैरिफ अस्थिरता और संरक्षणवाद से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली खतरे में है। BRICS को इसका बचाव करना होगा।” X (पूर्व ट्विटर) पर #JaishankarUNGA ट्रेंड कर रहा है, जहां एक यूजर ने लिखा, “जयशंकर ने पाक को बेनकाब कर दिया। पहलगाम हमले पर सच्चाई सामने लाई।”

पाकिस्तान पर तीखा प्रहार: शरीफ के भाषण का जवाब, ‘झूठी नौटंकी’

जयशंकर का संबोधन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शुक्रवार के भाषण का सीधा जवाब था। शरीफ ने पहलगाम हमले को ‘मानवीय त्रासदी’ बताते हुए भारत पर ‘राजनीतिक लाभ’ लेने का आरोप लगाया और सिंधु जल संधि रद्द करने को ‘युद्ध का कार्य’ कहा। भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई में पेटल गहलोत ने इसे ‘बेतुकी नौटंकी’ बताया, कहा, “पाकिस्तान आतंकवाद को महिमामंडित करता है।” जयशंकर ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा, “पाकिस्तान का झूठ अब दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है।”

पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

पहलगाम हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ, जहां पाकिस्तान समर्थित द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने 26 पर्यटकों की हत्या की। हमलावरों ने धर्म के आधार पर निशाना बनाया। भारत ने जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर हमले किए। BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भी पहलगाम को निशाना बनाते हुए आतंकवाद की निंदा की गई।

साइडलाइन मीटिंग्स: अमेरिका से व्यापार, BRICS में नेतृत्व

UNGA से इतर जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की, जहां H-1B वीजा और टैरिफ विवाद पर चर्चा हुई। BRICS बैठक में भारत की 2026 अध्यक्षता पर फोकस रहा। उन्होंने ग्लोबल साउथ की एकजुटता पर जोर दिया।

UN सुधारों पर भारत की लॉबी

जयशंकर का संबोधन भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करता है। क्या यह पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करेगा? X पर यूजर्स ने इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ बताया। सत्र 29 सितंबर तक चलेगा।

(रिपोर्ट: unnatbharatlive.com न्यूज डेस्क | स्रोत: विभिन्न मीडिया और X रिपोर्ट्स)

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