नागपुर गरबा में लव जिहाद के मामले रोकने VHP का बड़ा कदम: आधार चेक, तिलक और वराह पूजा अनिवार्य
नागपुर गरबा में लव जिहाद के मामले रोकने VHP का बड़ा कदम: आधार चेक, तिलक और वराह पूजा अनिवार्य
शारदीय नवरात्र के दौरान गरबा आयोजनों को ‘लव जिहाद’ के खतरे से बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने नागपुर में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता गरबा पंडालों पर नजर रखेंगे, जहां प्रवेश के लिए आधार कार्ड की जांच अनिवार्य होगी। साथ ही, प्रतिभागियों को माथे पर तिलक लगाना, रक्षा सूत्र बांधना, गौमूत्र का छिड़काव और भगवान विष्णु के वराह अवतार की पूजा करनी होगी। VHP का कहना है कि ये कदम हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने की साजिशों को रोकेंगे।
VHP के विदर्भ महामंत्री प्रशांत तितरे ने बताया, “गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि देवी की आराधना का रूप है। पिछले वर्षों में देखा गया कि कुछ लोग हिंदू लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाने के इरादे से आते हैं। इसलिए, प्रवेश से पहले वराह पूजा करनी होगी, जो अन्य धर्मों के लोगों को हतोत्साहित करेगी।” संगठन ने आयोजकों को निर्देश दिए हैं कि नशा या धूम्रपान बिल्कुल प्रतिबंधित रहे। बजरंग दल के स्वयंसेवक पंडालों पर आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराएंगे, जहां उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
यह कदम नवरात्र के पहले ही दिन से लागू हो गया है, जब हजारों भक्त गरबा में शामिल हुए। महाराष्ट्र मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने समर्थन देते हुए कहा, “आयोजकों को प्रवेश नियम बनाने का अधिकार है, बशर्ते पुलिस अनुमति हो।” वहीं, बीजेपी मंत्री नितेश राणे ने गरबा आयोजनों को ‘लव जिहाद का केंद्र’ बताते हुए VHP के दिशा-निर्देशों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “अगर कोई फिर भी आता है, तो उसे हिंदू धर्म में दीक्षा दो।” विपक्ष ने तीखी आलोचना की। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इसे ‘समाज को बांटने की साजिश’ करार दिया, जबकि कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने VHP पर ‘समाज में आग लगाने’ का आरोप लगाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नवरात्र की धार्मिकता को बनाए रखने के साथ-साथ सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकता है। नागपुर में गरबा आयोजनों की संख्या 200 से अधिक है, और VHP का दावा है कि इससे हिंदू संस्कृति की रक्षा होगी। आयोजकों ने कहा कि वे नियमों का पालन करेंगे, लेकिन कुछ ने चिंता जताई कि इससे भीड़ कम हो सकती है। नवरात्र के इस पावन पर्व पर शांति और भाईचारे की अपील की जा रही है, लेकिन VHP का यह कदम चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
