उत्तराखंड: देहरादून समेत 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, सतर्कता बरतने के निर्देश
उत्तराखंड: देहरादून समेत 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, सतर्कता बरतने के निर्देश
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून का असर बरकरार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (16 सितंबर 2025) को देहरादून समेत 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना है। प्रभावित जिलों में देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, बागेश्वर, ऊधम सिंह नगर और टिहरी गढ़वाल शामिल हैं। विभाग ने अगले 24 घंटों में इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी है। हाल के दिनों में लगातार हो रही बारिश से कई सड़कें बंद हो चुकी हैं, और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारी की समीक्षा की और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
IMD के अनुसार, देहरादून में 192 मिमी तक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि अन्य जिलों में भी 100-150 मिमी वर्षा होने की आशंका है। येलो अलर्ट का मतलब है कि लोग सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं। विभाग ने चेतावनी दी कि निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन हो सकता है। देहरादून जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है। इसी तरह, प्रभावित जिलों में भी शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। जिला मजिस्ट्रेट साविन बंसल ने कहा, “बारिश के कारण संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा है। छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूल बंद किए गए हैं।” ग्रामीणों से अपील की गई है कि नदी-नालों के किनारे न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
हाल ही में सहस्त्रधारा, मालदेवता और टपकेश्वर जैसे इलाकों में भारी तबाही मची थी, जहां बादल फटने से 4 लोगों की मौत हो गई और दो लापता हैं। अब येलो अलर्ट से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश हो रही है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट पर हैं, और राहत शिविर तैयार रखे गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।” विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, और लोग मौसम अपडेट के लिए IMD की वेबसाइट चेक करें। यह अलर्ट 17 सितंबर तक जारी रह सकता है, इसलिए सावधानी बरतें।
