देहरादून में भारी बारिश का कहर: पौंधा के देवभूमि इंस्टीट्यूट में फंसे 200 छात्रों का SDRF ने किया सफल रेस्क्यू
देहरादून में भारी बारिश का कहर: पौंधा के देवभूमि इंस्टीट्यूट में फंसे 200 छात्रों का SDRF ने किया सफल रेस्क्यू
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार रात से हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही मचा दी। पौंधा क्षेत्र में स्थित देवभूमि इंस्टीट्यूट के परिसर में जलभराव हो गया, जिसमें लगभग 200 छात्र-छात्राएं फंस गईं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को इसकी सूचना मिलते ही मुख्यालय से एक रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित अभियान चलाया और सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह ऑपरेशन SDRF की तत्परता और सूझबूझ का बेहतरीन उदाहरण है, जो उत्तराखंड में बार-बार हो रही आपदाओं के बीच राहत की एक मिसाल बन गया।
घटना मंगलवार (16 सितंबर 2025) सुबह की है। रात भर की मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर आ गईं और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। देवभूमि इंस्टीट्यूट के कैंपस में पानी भरने से छात्रों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। SDRF के डायरेक्टर जनरल बंशीधर तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने फौरन कार्रवाई की। “टीम ने जलभराव के बीच अत्यंत सतर्कता और तेजी से काम किया। सभी 200 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। कोई हादसा नहीं हुआ,” उन्होंने कहा। रेस्क्यू के दौरान छात्रों को लाइफ जैकेट पहनाकर और रस्सियों की मदद से बाहर निकाला गया। छात्रों ने बताया कि पानी का स्तर तेजी से बढ़ा था, लेकिन SDRF जवान समय पर पहुंचे।
यह रेस्क्यू देहरादून के व्यापक बाढ़ संकट का हिस्सा है। सहस्त्रधारा, मालदेवता और टपकेश्वर जैसे इलाकों में भी भारी नुकसान हुआ है, जहां दो लोग लापता हैं और कई घर-दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा, “प्रशासन अलर्ट मोड पर है। NDRF, SDRF और पुलिस टीमें लगातार सक्रिय हैं। प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है।” जिला प्रशासन ने 300-400 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और रेड अलर्ट जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है।
SDRF का यह सफल अभियान छात्रों और परिवारों में राहत लेकर आया। अब इलाके में राहत शिविर लगाए गए हैं, जहां भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। देहरादून में छावनी जैसा माहौल है, लेकिन प्रशासन की मेहनत से स्थिति नियंत्रण में आ रही है। यह घटना उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन क्षमता को रेखांकित करती है।
