तेजस्वी की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ का मकसद क्या? राहुल गांधी की राह पर विपक्ष को एकजुट करने की कवायद
पटना, 15 सितंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्षी महागठबंधन में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 14 दिवसीय ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के सफल होने के बाद अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव 16 सितंबर से ‘बिहार अधिकार यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। यह पांच दिवसीय यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर वैशाली में समाप्त होगी, जिसमें 10 जिलों को कवर किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा राहुल की यात्रा से उत्पन्न गति को बनाए रखने और आरजेडी को विपक्षी ध्रुवीकरण के केंद्र में स्थापित करने की रणनीति है, क्योंकि कांग्रेस अब अधिक सीटें मांग रही है।
तेजस्वी यादव, जो महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जाते हैं, इस यात्रा के जरिए उन जिलों में पहुंचेंगे जो राहुल की यात्रा से छूट गए थे। यात्रा में जहानाबाद, नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर और वैशाली जैसे जिले शामिल होंगे। प्रत्येक जिले में तेजस्वी सार्वजनिक सभाएं करेंगे और मुद्दों पर चर्चा करेंगे। आरजेडी के एक नेता ने कहा, “राहुल जी की यात्रा ने विपक्ष को मजबूत किया, लेकिन अब तेजस्वी जी इसे आगे बढ़ाएंगे। यह यात्रा वोटरों के अधिकारों, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा-स्वास्थ्य और केंद्र की भेदभावपूर्ण नीतियों पर केंद्रित होगी।” तेजस्वी ने हाल ही में मुजफ्फरपुर रैली में कहा, “इस बार तेजस्वी सभी 243 सीटों पर लड़ेगा। वोट तेजस्वी के नाम पर डालें, बिहार को आगे ले जाना है।”
यह यात्रा ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का विस्तार है, जो अगस्त में शुरू हुई थी और जिसमें राहुल, तेजस्वी और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए थे। उस यात्रा ने 24 जिलों और 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया, जहां लाखों लोग सड़कों पर उतरे। यात्रा का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया था, जिसे विपक्ष साजिश बता रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा ईसीआई का इस्तेमाल कर वोटरों के नाम काट रही है, खासकर मुस्लिम और पिछड़े वर्गों के। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में SIR पर चेतावनी दी है, जो विपक्ष के लिए राहत है। राजनीतिक विश्लेषक नवल किशोर चौधरी ने कहा, “राहुल की यात्रा ने कांग्रेस को बूस्ट दिया, जिससे सीट शेयरिंग में दबाव बढ़ा। तेजस्वी की यात्रा आरजेडी की साख बचाने और गठबंधन को एकजुट रखने के लिए जरूरी है।”
विपक्ष का कहना है कि एनडीए सरकार के 20 वर्षों में बिहार पिछड़ा रहा है। तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “एनडीए के शासन में करोड़ों इंजीनियरों के घरों से पैसे बरामद हो रहे हैं। चुनाव आने पर मोदी-अमित शाह बिहार आते हैं, लेकिन उसके बाद भूल जाते हैं।” यात्रा के दौरान तेजस्वी इन मुद्दों को उठाएंगे और लोगों से महागठबंधन को समर्थन देने की अपील करेंगे। आरजेडी के सभी सांसद, विधायक और जिला अध्यक्ष यात्रा में शामिल होंगे।
यह यात्रा चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जहां महागठबंधन में सीट बंटवारे पर विवाद है। कांग्रेस 70 सीटों पर 19 जीती थी, लेकिन अब अधिक मांग रही है। तेजस्वी का ‘243 सीटों पर लड़ना’ बयान सहयोगियों पर दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है। भाजपा ने इसे ‘ख्वाब’ बताया और कहा कि लोग नीतीश-मोदी के नाम पर वोट देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी यात्राएं विपक्ष को जमीन पर मजबूत करेंगी, लेकिन चुनावी सफलता मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और यात्रा से राजनीतिक तापमान और चढ़ेगा।
