हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाना हुआ 49% महंगा: नई दरें लागू, जानें टिकट की कीमत और बुकिंग की तारीख
हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाना हुआ 49% महंगा: नई दरें लागू, जानें टिकट की कीमत और बुकिंग की तारीख
केदारनाथ धाम की हेलिकॉप्टर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने हेलिकॉप्टर सेवा के किराए में 49% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह नई दरें 15 सितंबर 2025 से लागू होंगी, बशर्ते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अंतिम मंजूरी मिल जाए। इस बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं को अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी, खासकर बुजुर्गों और स्वास्थ्य समस्याओं वाले यात्रियों के लिए, जो हेलिकॉप्टर सेवा पर निर्भर हैं।
नई किराए की दरें
UCADA के अनुसार, केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा की नई दरें इस प्रकार हैं:
– गुप्तकाशी से केदारनाथ (आने-जाने): ₹12,444 (पहले: ₹8,532)
– फाटा से केदारनाथ (आने-जाने): ₹8,900 (पहले: ₹6,062)
– सिरसी से केदारनाथ (आने-जाने): ₹8,500 (पहले: ₹6,060)
इसका मतलब है कि श्रद्धालुओं को अब प्रति व्यक्ति 4,000 से 5,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
किराया बढ़ोतरी का कारण
UCADA के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर हादसों, जैसे जून 2024 में सात लोगों की जान लेने वाली दुर्घटना, ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। इसके चलते DGCA ने कड़े नियम लागू किए हैं। इनमें शामिल हैं:
– चारधाम में स्वचालित मौसम स्टेशन (Automatic Weather Stations) की स्थापना।
– PTZ कैमरे, ATC, VHF सेट, और सिलोमीटर जैसे तकनीकी सुधार।
– देहरादून के सहस्त्रधारा और सिरसी में दो कंट्रोल रूम।
– 22 ऑपरेटरों की टीम द्वारा उड़ानों की निरंतर निगरानी।
साथ ही, हेलिकॉप्टर उड़ानों की संख्या 260 से घटाकर 184 और यात्री क्षमता 1,467 से 1,012 कर दी गई है। इन उपायों की लागत ने किराया बढ़ाने का फैसला जरूरी बना दिया।
बुकिंग और सेवा की शुरुआत
हेलिकॉप्टर सेवा 15 सितंबर से शुरू होने की संभावना है, और टिकट बुकिंग 10 सितंबर से IRCTC की वेबसाइट (www.irctc.co.in) पर शुरू होगी। बुकिंग के लिए चारधाम यात्रा का पंजीकरण अनिवार्य है। इस बार सात कंपनियां—पवन हंस, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन, और एयरो एयरक्राफ्ट—सेवा संचालित करेंगी।
श्रद्धालुओं पर असर
हेलिकॉप्टर सेवा उन श्रद्धालुओं के लिए वरदान है, जो 14 किमी की कठिन पैदल यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि, किराए में बढ़ोतरी से कई श्रद्धालु निराश हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे हेली कंपनियों के घाटे की भरपाई का कदम बताया, जबकि अन्य ने बेहतर सुरक्षा उपायों का स्वागत किया। मौसम विभाग ने 10 सितंबर तक बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
