अमेरिका में हुंडई प्लांट पर छापा: 300 दक्षिण कोरियाई कर्मचारी हिरासत में, भारत ने जताई चिंता
अमेरिका में हुंडई प्लांट पर छापा: 300 दक्षिण कोरियाई कर्मचारी हिरासत में, भारत ने जताई चिंता
सवाना, 6 सितंबर 2025: अमेरिका के जॉर्जिया में हुंडई मोटर ग्रुप और एलजी एनर्जी सॉल्यूशन के संयुक्त बैटरी प्लांट पर गुरुवार को अमेरिकी आप्रवासन अधिकारियों ने छापेमारी की, जिसमें करीब 450 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। इनमें से 300 से अधिक दक्षिण कोरियाई नागरिक हैं। इस घटना ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव को बढ़ा दिया है, जबकि भारत ने भी इस कार्रवाई पर चिंता जताई है।
अमेरिकी आप्रवास और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) के नेतृत्व में यह छापेमारी जॉर्जिया के एलाबेल में हुंडई के इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी प्लांट पर की गई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध रोजगार प्रथाओं की जांच के तहत हुई। हिरासत में लिए गए अधिकांश दक्षिण कोरियाई कर्मचारी B1 बिजनेस वीजा या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) के तहत अमेरिका आए थे, लेकिन उनकी वीजा शर्तों के उल्लंघन का आरोप है।
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा, “हमारी निवेशक कंपनियों की आर्थिक गतिविधियों और नागरिकों के अधिकारों का अनुचित उल्लंघन नहीं होना चाहिए।” सियोल ने अमेरिकी दूतावास से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा और जॉर्जिया में एक टास्क फोर्स गठित की है।
भारत ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि हुंडई भारत में एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ इस मामले पर नजर रख रहे हैं। वैश्विक निवेश और श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।”
हुंडई ने बयान जारी कर कहा कि हिरासत में लिए गए कर्मचारी उनकी प्रत्यक्ष कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि ठेकेदारों और उप-ठेकेदारों से जुड़े हैं। कंपनी ने सभी श्रम और आप्रवासन नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई। इस छापेमारी ने हुंडई के 26 अरब डॉलर के निवेश और 25,000 नौकरियों के वादे को प्रभावित किया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों पर सवाल उठ रहे हैं।
