राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने GST 2.0 को बताया ‘डबल डोज’ ऑफ सपोर्ट एंड ग्रोथ: हर परिवार को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान जीएसटी काउंसिल द्वारा हाल ही में मंजूर किए गए बड़े सुधारों की जोरदार सराहना की। उन्होंने इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार करार देते हुए कहा कि जीएसटी अब और भी सरल हो गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में मंजूर इन सुधारों को 22 सितंबर 2025 से लागू किया जाएगा, जो नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होकर दिवाली तक आम लोगों के लिए ‘डबल गिफ्ट’ साबित होंगे। पीएम मोदी ने कहा, “जीएसटी 2.0 सपोर्ट और ग्रोथ की डबल डोज है। यह सुधार गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, एमएसएमई, महिलाओं और युवाओं को लाभ पहुंचाएंगे।”

कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने रेड फोर्ट से ही इन नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स का ऐलान किया था। “हमने जीएसटी दरों के तर्कसंगतीकरण और प्रक्रिया सुधारों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था, जो आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से था। जीएसटी काउंसिल ने केंद्र के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।” उन्होंने राज्यों से सहयोग की अपील की, ताकि ये सुधार सहकारी संघवाद की भावना से लागू हो सकें। पीएम ने जोर दिया कि ये सुधार जीवन को आसान बनाएंगे और छोटे व्यापारियों व व्यवसायों के लिए बिजनेस को सरल करेंगे।

इन सुधारों के तहत जीएसटी स्लैब को सरल बनाया गया है। अब मुख्य रूप से दो दरें होंगी: 5% और 18%, जबकि 12% और 28% स्लैब हटा दिए गए हैं। सिन गुड्स जैसे तंबाकू, शराब पर 40% की दर बरकरार रहेगी। 12% स्लैब के 99% आइटम्स को 5% में शिफ्ट किया गया है, जिसमें बाल तेल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप, टूथब्रश, साइकिल, किचनवेयर, पैक्ड नमकीन, भुजिया, सॉस, चॉकलेट्स, कॉफी, घी, बटर, प्रिजर्व्ड मीट शामिल हैं। 28% स्लैब के 90% आइटम्स 18% पर आ गए हैं, जैसे एयर कंडीशनर, टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, छोटी कारें, सीमेंट, कृषि मशीनरी (ट्रैक्टर, हार्वेस्टर)। लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी छूट मिली है, जो व्यक्तिगत पॉलिसी, फैमिली फ्लोटर और सीनियर सिटीजन प्लान्स को कवर करेगी। चिकित्सा उपकरणों और दवाओं पर भी दरें कम हुई हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि ये सुधार सहकारी संघवाद की भावना से राज्य सरकारों के साथ मिलकर किए गए हैं। उन्होंने राज्यों से सहयोग की अपील की, ताकि दिवाली अधिक शानदार बने। वित्त मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव उपभोक्ता खरीदारी बढ़ाएंगे, एमएसएमई को राहत देंगे और अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे निर्माण लागत 3-5% कम होगी, जो अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देगी। जीएसटी कलेक्शन 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, जो 9.4% की वृद्धि दर्शाता है।

ये सुधार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक मजबूती को दर्शाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के जवाब में ये कदम आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि दरों में कमी से उपभोक्ता खरीदारी बढ़ेगी, एमएसएमई को राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एनएआरओसीक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि सीमेंट जैसे निर्माण सामग्री पर कटौती से निर्माण लागत 3-5% कम हो सकती है, जो अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा देगी।

विपक्ष ने सुधारों का स्वागत किया लेकिन देरी पर सवाल उठाए। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि यह 8 साल देर से है, जबकि टीएमसी ने इसे ‘जनता की जीत’ बताया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे ‘स्वीटन्ड दिवाली गिफ्ट’ कहा। बाहरी ईए मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि नेक्स्ट-जन जीएसटी भारत की ट्रांसफॉर्मेशन स्टोरी को प्रभावित करेगा। ये सुधार डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे। पूरी लिस्ट जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध है, जो नवरात्रि और दिवाली पर उपभोक्ताओं को राहत देगी।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में शिक्षकों से मुलाकात के दौरान भी जीएसटी सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जीएसटी ने लोगों को कई करों से मुक्ति दिलाई है। अब ये सुधार स्वास्थ्य और हॉस्पिटैलिटी पर बोझ कम करेंगे।” पूर्व यूपीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तब स्वास्थ्य पर भारी कर लगाए गए थे। ये सुधार न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक न्याय को भी मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इनसे निर्यात प्रतिस्पर्धी बनेगा और घरेलू खपत बढ़ेगी। जीएसटी काउंसिल की यह मंजूरी सहकारी संघवाद का उदाहरण है, जहां केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं।

यह सुधार भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पीएम ने कहा कि बिना समय पर बदलाव के वैश्विक स्थिति में देश को सही स्थान नहीं मिल सकता। इन रिफॉर्म्स से पांच रत्न जुड़े हैं: सरल कर प्रणाली, जीवन गुणवत्ता में सुधार, खपत और विकास को बढ़ावा, बिजनेस ईज और सहकारी संघवाद। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पीएम के बयान पर तालियां बजाईं। यह सुधार न केवल दिवाली को विशेष बनाएंगे बल्कि लंबे समय तक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *