राष्ट्रीय

मोबाइल चोरों के इंटरनेशनल गैंग का भंडाफोड़ पड़ोसी देशों में धड़ल्ले से बिक रहे दिल्ली से चोरी स्मार्टफोन

दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त ऑपरेशन में इंटरनेशनल गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो चोरी के स्मार्टफोन को पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धड़ल्ले से बेच रहा था। इस गैंग ने पिछले दो सालों में हजारों महंगे स्मार्टफोन चुराकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों का कारोबार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 500 से ज्यादा चोरी के फोन, 50 लाख रुपये नकद और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।

पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना एक पूर्व मोबाइल रिपेयर शॉप का मालिक था, जो दिल्ली के व्यस्त बाजारों जैसे चांदनी चौक, सरोजिनी नगर और लाजपत नगर में चोरी की साजिश रचता था। चोरियां ज्यादातर बाजारों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर होती थीं। चोरी के फोन पहले दिल्ली के गोदामों में इकट्ठा किए जाते, फिर उनके IMEI नंबर बदलकर फर्जी बॉक्स में पैक कर पड़ोसी देशों में तस्करी की जाती। नेपाल के काठमांडू और बांग्लादेश के ढाका में ये फोन सस्ते दामों पर बिकते थे, जबकि पाकिस्तान में कराची के काले बाजार में ऊंचे दामों पर। गैंग के सदस्यों में भारतीय, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे, जो सोशल मीडिया और डार्क वेब के जरिए संपर्क में रहते। एक आरोपी ने पूछताछ में बताया, “हमारे नेटवर्क में 50 से ज्यादा चोर थे, और हर महीने 200-300 फोन तस्करी होते थे।”

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) ने बताया कि टिपऑफ के आधार पर ऑपरेशन चलाया गया। “यह गैंग साइबर फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल कर फोन ट्रैकिंग से बचता था। हमने नेपाल और बांग्लादेश पुलिस के साथ समन्वय किया है।” जांच में पता चला कि गैंग ने 2023 से अब तक 5 करोड़ रुपये का कारोबार किया। कई फोन सलमान खान जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों के भी चोरी के मिले। इंटरपोल को सूचित कर दिया गया है, और आगे की जांच में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

यह भंडाफोड़ दिल्ली में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने का संकेत है। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी सफलता बताया, जबकि विपक्ष ने पुलिस पर पहले देरी का आरोप लगाया। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन चोरी का यह अंतरराष्ट्रीय रैकेट डिजिटल इंडिया को चुनौती दे रहा था। अब सवाल यह है कि क्या इससे चोरियां रुकेंगी? पुलिस ने जनता से अपील की है कि IMEI ट्रैकिंग ऐप इस्तेमाल करें।

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