एनकाउंटर में ढेर हुआ ‘ह्यूमन GPS’ उर्फ समंदर चाचा, जम्मू-कश्मीर में 100 से ज्यादा घुसपैठ करवाने वाला मास्टरमाइंड
एनकाउंटर में ढेर हुआ ‘ह्यूमन GPS’ उर्फ समंदर चाचा, जम्मू-कश्मीर में 100 से ज्यादा घुसपैठ करवाने वाला मास्टरमाइंड
जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। एनकाउंटर में कुख्यात आतंकी बागू खान उर्फ ‘समंदर चाचा’, जिसे आतंकी संगठनों में ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था, को मार गिराया गया। उसके साथ एक अन्य पाकिस्तानी घुसपैठिया भी ढेर हो गया। यह ऑपरेशन 28 अगस्त की रात नौशेरा नार इलाके में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश के दौरान चला। सुरक्षा बलों को पहले से खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
समंदर चाचा 1995 से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में रह रहा था। वह हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर रह चुका था, लेकिन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे कई संगठनों के लिए घुसपैठ करवाने का काम करता था। इलाके की कठिन भौगोलिक स्थिति, गुप्त रास्तों और पहाड़ी इलाकों की बारीक जानकारी के कारण उसे ‘चलता-फिरता GPS’ कहा जाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पिछले 30 सालों में 100 से ज्यादा घुसपैठ प्रयासों को अंजाम देने में शामिल रहा, जिनमें से अधिकांश सफल रहे। इन घुसपैठों से कश्मीर घाटी में आतंकवाद को लगातार बढ़ावा मिला, और हथियारों की तस्करी भी हुई।
एनकाउंटर के दौरान सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और घुसपैठियों को चैलेंज किया। आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में दोनों मारे गए। मारे गए आतंकियों के पास से आईडी कार्ड और दस्तावेज बरामद हुए, जिनसे समंदर चाचा की पहचान हुई। चिनार कोर ने कहा कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस की खुफिया जानकारी पर आधारित था। इलाके में तलाशी अभियान जारी है, और आशंका है कि कुछ और आतंकी छिपे हो सकते हैं।
समंदर चाचा की मौत को आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे PoK से आने वाली घुसपैठ की कई योजनाएं धूल चाटेंगी। गुरेज सेक्टर 1990 के दशक से घुसपैठ का मुख्य रूट रहा है, खासकर सर्दियों में बर्फबारी के कारण। 2021 के सीजफायर के बावजूद, कई घुसपैठ की कोशिशें जारी हैं। यह घटना सुरक्षा बलों की सतर्कता का उदाहरण है, जो अमरनाथ यात्रा जैसे कार्यक्रमों के दौरान और भी महत्वपूर्ण है।
