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‘ट्रंप इज डेड’… सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा तेजी से ट्रेंड? अफवाहों का तूफान, लेकिन हकीकत कुछ और

‘ट्रंप इज डेड’… सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा तेजी से ट्रेंड? अफवाहों का तूफान, लेकिन हकीकत कुछ और

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर सोशल मीडिया पर एक भारी अफवाह का दौर चल रहा है। एक्स पर ‘#TrumpIsDead’ और ‘Trump is Dead’ जैसे हैशटैग्स टॉप ट्रेंडिंग बन चुके हैं। रिपोर्ट लिखे जाने तक, इनकी संख्या 85,000 से ज्यादा हो चुकी है, और यूजर्स मीम्स, वीडियोज और थ्योरीज शेयर कर रहे हैं। लेकिन क्या ट्रंप वाकई मर चुके हैं? नहीं, यह सिर्फ अफवाहें हैं। व्हाइट हाउस या आधिकारिक स्रोतों से कोई पुष्टि नहीं हुई है, और ट्रंप ने हाल ही में अपनी प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट भी किया है। फिर भी, यह ट्रेंड क्यों वायरल हो रहा है? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

ट्रेंड की शुरुआत: वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैंस के बयान से भड़की आग

यह सबकी शुरुआत 27 अगस्त को हुई, जब वाइस प्रेसिडेंट जेडी वैंस ने यूएसए टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा, “अगर भगवान न करे, कोई भयानक त्रासदी हो जाए, तो मेरे पास आखिरी 200 दिनों में मिली ट्रेनिंग से बेहतर कोई तैयारी नहीं हो सकती।” यह बयान राष्ट्रपति पद की उत्तराधिकार प्रक्रिया पर एक सामान्य टिप्पणी था, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ‘संकेत’ मान लिया। कई पोस्ट्स में लिखा गया कि वैंस ‘ट्रंप की मौत’ का इशारा दे रहे हैं।

ट्रेंड ने 29-30 अगस्त की रात को जोर पकड़ा, जब ट्रंप को सार्वजनिक रूप से न देखा गया। वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, ट्रंप मंगलवार (26 अगस्त) के बाद से कोई पब्लिक इवेंट में नजर नहीं आए, और 30-31 अगस्त का शेड्यूल भी खाली है। यूजर्स ने पूछा, “ट्रंप कहां हैं? क्या वे गोल्फ खेलने गए हैं या कुछ गंभीर है?” एक पोस्ट में लिखा गया, “ट्रंप को 24 घंटे से नहीं देखा गया, कोई इवेंट नहीं, और व्हाइट हाउस की लाइवस्ट्रीम बंद है। क्या यह साजिश है?”

स्वास्थ्य चिंताओं ने डाला ईंधन: पैरों में सूजन और हाथ पर चोट के निशान

ट्रंप की उम्र 79 साल है, और जुलाई में व्हाइट हाउस ने उनकी ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ (CVI) नामक बीमारी की पुष्टि की थी। यह एक सामान्य सर्कुलेटरी कंडीशन है, जो बुजुर्गों में पैरों में सूजन पैदा करती है। लेकिन हाल की तस्वीरों में ट्रंप के हाथ पर चोट के निशान दिखे, जो मेकअप से ढके हुए लग रहे थे। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात के दौरान यह निशान साफ दिखा।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की मौत से पहले की तस्वीरों से जोड़ दिया। एक यूजर ने लिखा, “ट्रंप के हाथ पर चोट, पैरों में सूजन, और अब गायब? क्या वे अस्पताल में हैं?” हालांकि, व्हाइट हाउस ने इसे खारिज किया है, लेकिन अफवाहें रुकने का नाम नहीं ले रही।

‘द सिम्पसंस’ की भविष्यवाणी ने बढ़ाई उत्तेजना

ट्रेंड को और हवा मिली पुरानी ‘द सिम्पसंस’ एपिसोड्स से। शो के क्रिएटर मैट ग्रोएनिंग ने जुलाई में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में मजाक में कहा था कि शो तब तक चलेगा जब तक ‘ट्रंप’ जैसे लोग जिंदा हैं। एक पुराना एपिसोड फिर वायरल हो गया, जिसमें ट्रंप जैसे कैरेक्टर को चेस्ट पेन से गिरते दिखाया गया। यूजर्स ने दावा किया कि शो ने ट्रंप की मौत अगस्त 2025 में भविष्यवाणी की थी। यह शो की पुरानी ‘ट्रंप प्रेडिक्शन्स’ (जैसे 2016 चुनाव) से प्रेरित था, लेकिन यह सब फेक है। शो के प्रोड्यूसर्स ने पहले ही स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई भविष्यवाणी नहीं है।

सोशल मीडिया पर रिएक्शन: मीम्स, जोक्स और चिंता का मिश्रण

एक्स पर हजारों पोस्ट्स हैं। एक यूजर ने लिखा, “ट्रंप डेड है, और कोई शोक नहीं मना रहा!” (No One Mourns the Wicked)। भारतीय यूजर्स ने ट्रंप के भारत पर लगाए 50% टैरिफ को जोड़ते हुए मजाक उड़ाया, “ट्रंप की मौत से भारत को राहत!” एक मीम में लिखा, “ट्रंप डेड, अब बैटमैन (वैंस) का राज!” लेकिन कुछ यूजर्स ने चिंता जताई, “अगर सच हुआ तो अमेरिका में क्या होगा?”

ट्रेंड ने गूगल सर्चेस को भी प्रभावित किया। ‘Where is Donald Trump?’ और ‘Trump Dead’ टॉप सर्च बन गए। हालांकि, एआई टूल ग्रोक ने इसे ‘अफवाह’ बताया और कहा कि व्हाइट हाउस की लाइवस्ट्रीम हमेशा ‘स्टे ट्यून्ड’ दिखाती है।

हकीकत क्या है? ट्रंप जिंदा हैं, अफवाहें फेक

ट्रंप ने 29 अगस्त को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, जिसमें अमेरिकी अपील्स कोर्ट के टैरिफ फैसले पर प्रतिक्रिया दी। व्हाइट हाउस ने अफवाहों पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन स्रोतों के अनुसार, ट्रंप वीकेंड पर बेडमिंस्टर रिजॉर्ट जाने वाले थे, लेकिन व्हाइट हाउस में ही रुके। अगर राष्ट्रपति की मौत होती है, तो 25वें संशोधन के तहत वाइस प्रेसिडेंट तुरंत राष्ट्रपति बन जाते हैं। लेकिन फिलहाल, सब कुछ सामान्य है।

यह ट्रेंड सोशल मीडिया की अफवाह फैलाने की ताकत दिखाता है। पहले भी 2023 में ट्रंप जूनियर के अकाउंट हैक होने पर ऐसी अफवाहें फैली थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण और एआई-जनरेटेड कंटेंट ने इसे बढ़ावा दिया। अगर आप भी ट्रेंड देख रहे हैं, तो फैक्ट-चेक करें। ट्रंप अभी भी अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं, और उनका दूसरा टर्म चल रहा है।

(नोट: यह रिपोर्ट विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। अफवाहों को बढ़ावा न दें।)

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