‘कांग्रेस जितना देगी गाली, उतना खिलेगा कमल…’, पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर अमित शाह का पलटवार
गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ कथित अपशब्दों पर तीखा पलटवार किया है। असम के गुवाहाटी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “जितनी गाली दोगे, कमल उतना ही खिलेगा।” उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार देते हुए घृणा की राजनीति का आरोप लगाया। यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तनाव को और बढ़ा रहा है, जहां भाजपा ने कांग्रेस पर नफरत फैलाने का इल्जाम लगाया है।
घटना बिहार के दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के बिठौली चौक से जुड़ी है, जहां 28 अगस्त को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की संयुक्त यात्रा के दौरान मंच पर एक व्यक्ति ने पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी रफीक उर्फ राजा को गिरफ्तार कर लिया। अमित शाह ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा, “मोदी जी की मां ने गरीबी में जीवन व्यतीत कर अपने बच्चों को संस्कार दिए, और बेटा विश्व नेता बना। ऐसी महान शख्सियत के लिए अपशब्द कहना राजनीति का सबसे बड़ा पतन है।” उन्होंने राहुल गांधी से माफी की मांग की और कहा कि अगर थोड़ी शर्म बची है तो देश से माफी मांगें।
शाह ने कांग्रेस के पुराने अपशब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी को ‘मौत का सौदागर’, ‘जहरीला सांप’, ‘नीच’, ‘रावण’, ‘भस्मासुर’ और ‘वायरस’ जैसे शब्दों से नवाजा गया। “कांग्रेस क्या समझती है कि ऐसी भाषा से जनादेश मिलेगा? जितनी गालियां दोगे, कमल उतना ही बड़ा होकर आसमान छूएगा।” उन्होंने जोड़ा कि 27 देशों ने मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिया है, लेकिन कांग्रेस घृणा की राजनीति कर रही है। शाह ने असम दौरे के दौरान राजभवन के ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन भी किया और विकास योजनाओं का शिलान्यास किया।
भाजपा ने इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस पर हमला बोला है। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा, “यह कांग्रेस की हताशा है, जनता इसका जवाब देगी।” वहीं, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पलटकर कहा, “भाजपा खुद गुंडागर्दी कर रही है। गिरफ्तार व्यक्ति का बैकग्राउंड जांचें।” राहुल गांधी ने पटना में कहा, “मारो और तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है…” जो भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस दफ्तर पर हंगामे पर था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद बिहार चुनावों में ध्रुवीकरण का हथियार बनेगा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस दफ्तर पर प्रदर्शन किया, जहां झड़प हुई। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा।
