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मॉस्को में पुतिन से मिले जयशंकर: भारत-रूस संबंध को बताया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे स्थिर

मॉस्को में पुतिन से मिले जयशंकर: भारत-रूस संबंध को बताया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे स्थिर

मॉस्को: भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 21 अगस्त 2025 को रूस की राजधानी मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत-रूस संबंधों को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक परिदृश्य में सबसे स्थिर और भरोसेमंद रिश्तों में से एक बताया। यह मुलाकात तीन दिवसीय रूस दौरे के अंतिम दिन हुई, जिसमें जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी वार्ता की।

जयशंकर ने लावरोव के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, “भारत और रूस के बीच संबंध न केवल राजनीतिक हैं, बल्कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, और लोगों के बीच आपसी संपर्कों पर आधारित हैं।” उन्होंने बताया कि 2021 में 13 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 68 अरब डॉलर तक पहुंच गया, हालांकि व्यापार असंतुलन (59 अरब डॉलर का घाटा) एक चुनौती है। दोनों देशों ने 2030 तक 100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा है।

यह दौरा अमेरिका द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने के बाद हुआ, जिसमें ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से फंड करने का आरोप लगाया। जयशंकर ने बिना नाम लिए कहा, “हम जटिल भू-राजनीतिक हालात में भी नेतृत्व स्तर पर नियमित संवाद बनाए रखते हैं।” उन्होंने रूस के ‘मेक इन इंडिया’ समर्थन और रक्षा सहयोग की सराहना की।

जयशंकर ने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 26वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की और बिजनेस फोरम को संबोधित किया। यह दौरा पुतिन की 2025 के अंत में प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों का हिस्सा माना जा रहा है।

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