यूपी 69000 शिक्षक भर्ती: 7 साल से संघर्ष, शिक्षा मंत्री के आवास पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
यूपी 69000 शिक्षक भर्ती: 7 साल से संघर्ष, शिक्षा मंत्री के आवास पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ, 19 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश में 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का सात साल लंबा संघर्ष जारी है। मंगलवार को एक बार फिर सैकड़ों अभ्यर्थी लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने आरक्षण नियमों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए तत्काल नियुक्ति की मांग की। यह भर्ती प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी, और जनवरी 2019 में आयोजित परीक्षा के बाद मई 2020 में परिणाम घोषित हुआ। हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का दावा है कि 27% OBC और 21% SC कोटे का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण 6,800 पदों पर नियुक्तियां लटकी हुई हैं।
सितंबर 2024 में इलाहाबाद हाई कोर्ट की डबल बेंच ने मेरिट लिस्ट रद्द कर तीन महीने में नई सूची जारी करने का आदेश दिया था। लेकिन सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील और सुनवाई में देरी से अभ्यर्थी नाराज हैं। प्रदर्शनकारी अमरेंद्र पटेल ने कहा, “हाई कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में था, लेकिन सरकार जानबूझकर प्रक्रिया को लटका रही है।” अभ्यर्थियों ने “शिक्षा मंत्री, न्याय करो” और “मोदी की गारंटी, कहां है नियुक्ति?” जैसे नारे लगाए। कुछ ने “हम भी मोदी के परिवार से हैं” लिखे प्लेकार्ड्स भी दिखाए।
पुलिस ने भारी तैनाती के साथ प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, और सरकार कोर्ट के अंतिम फैसले का पालन करेगी। इस बीच, अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे लखनऊ में रोजाना धरना और बीजेपी नेताओं के आवासों का घेराव करेंगे।
