Monday, November 2, 2026
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शरीर और मन के शुद्धिकरण के लिए संजीवनी है ‘कपालभाति’, जानें इसके 3 प्रमुख प्रकार और फायदे

शरीर और मन के शुद्धिकरण के लिए संजीवनी है ‘कपालभाति’, जानें इसके 3 प्रमुख प्रकार और फायदे

​योग और प्राणायाम को शरीर व मन को आरोग्य प्रदान करने का बेहतरीन माध्यम माना जाता है। इसी में शामिल ‘कपालभाति’ एक अत्यंत प्रभावशाली शुद्धिकरण क्रिया (षट्कर्म) है, जिसमें सांस को तेजी से बाहर छोड़ा जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शरीर के कफ दोषों को दूर करने और श्वसन तंत्र की सफाई के लिए कपालभाति के तीन मुख्य प्रकार बताए गए हैं—’वातक्रम’, ‘व्युत्क्रम’ और ‘शीतक्रम’।

​आइए जानते हैं कपालभाति के इन तीनों प्रकारों और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में:

​1. वातक्रम कपालभाति (सांस पर आधारित)

​यह कपालभाति का सबसे प्रचलित और मूल रूप है, जिसे सामान्यतः दैनिक प्राणायाम की तरह अभ्यास किया जाता है।

​श्वसन तंत्र में सुधार: यह फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाती है और सर्दी, राइनाइटिस, साइनोसाइटिस व अस्थमा जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।

​पाचन और डायबिटीज नियंत्रण: इसमें नाभि के सक्रिय संकुचन से जठराग्नि प्रदीप्त होती है, जिससे पाचन सुधरता है तथा मोटापा और मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

​मानसिक स्पष्टता: इसके नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और मानसिक स्पष्टता आती है।

​2. व्युत्क्रम कपालभाति (जल-आधारित शोधन)

​यह जल-आधारित एक विशेष शोधन क्रिया है, जिसमें गुनगुने नमकयुक्त जल को नासिका-छिद्रों (नाक) से अंदर खींचकर मुंह के रास्ते बाहर निकाला जाता है।

​साइनसाइटिस में राहत: इसके नियमित अभ्यास से साइनस की समस्याओं में तुरंत आराम मिलता है और बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम से बचाव होता है।

​चेहरे पर चमक: यह क्रिया मस्तिष्क के अग्र भाग को उत्तेजित करती है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक (भाति) आती है।

​3. शीतक्रम कपालभाति (व्युत्क्रम की विपरीत क्रिया)

​यह क्रिया व्युत्क्रम कपालभाति के ठीक उलट होती है। इसमें गुनगुना पानी मुंह से अंदर लेकर नासिका-छिद्रों (नाक) के रास्ते बाहर निकाला जाता है।

​कफ दोषों का नाश: यह सिर और श्वसन तंत्र से संबंधित सभी प्रकार के कफ दोषों को दूर करने और वायुमार्ग में जमे बलगम को बाहर निकालने में बेहद प्रभावी है।

​त्वचा के लिए लाभकारी: योगिक मान्यताओं के अनुसार, इसका नियमित अभ्यास चेहरे की झुर्रियों को कम कर त्वचा में कुदरती निखार लाता है।

​आयुष मंत्रालय की राय

​आयुष मंत्रालय के अनुसार, कपालभाति मुख्य रूप से कपाल (मस्तिष्क के अग्र भाग) और ऊपरी श्वसन मार्ग के शोधन की एक बेहतरीन योगिक तकनीक है। यह शरीर के 20 प्रकार के कफ दोषों को नष्ट करती है और विशेष रूप से मोटापे व मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

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