राजनीति

दिल्ली में गर्माया सियासी पारा: कांग्रेस की ‘वोट बचाओ’ रैली के जवाब में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान

दिल्ली में गर्माया सियासी पारा: कांग्रेस की ‘वोट बचाओ’ रैली के जवाब में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान

​राजधानी दिल्ली में चुनावी पारदर्शिता, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर सूची के मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी ‘इंडी’ (INDIA) गठबंधन के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। 1 और 2 नवंबर के आयोजनों को लेकर दोनों ही खेमे आमने-सामने आ गए हैं।

​1. भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा

​अभियान का आगाज: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार (28 अक्टूबर) को दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक (लाल किला से टाउन हॉल) इलाके से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की शुरुआत की।

​मुख्य चेहरे: इस पदयात्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और स्थानीय सांसद व वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

​2 नवंबर का कार्यक्रम: अभियान के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को पदयात्रा में शिरकत करेंगे और कार्यकर्ताओं तथा आम जनता को संबोधित करेंगे।

​भाजपा का रुख: पार्टी का कहना है कि SIR प्रक्रिया के माध्यम से केवल ‘घोस्ट वोटर्स’ (फर्जी/मृत/दोहरे वोटर्स) को बाहर निकालकर व्यवस्था को साफ किया जा रहा है। विपक्ष द्वारा लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे बेबुनियाद आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर दिया जाएगा।

​2. कांग्रेस व विपक्षी गठबंधन की 1 नवंबर की ‘महारैली’

​’वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों और कार्यकर्ताओं से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली महारैली में शामिल होने की अपील की है।

​प्रमुख मांगें: विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर बड़े पैमाने पर वोटों में गड़बड़ी और कटौती की जा रही है। विपक्ष SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है।

​विपक्ष का दावा: खरगे और कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि यह लड़ाई देश के संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा के लिए है।

​3. आगामी दिनों में और तेज होगा सियासी घमासान

​जहाँ एक ओर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्षी दल अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे, वहीं 2 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का पदयात्रा अभियान विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर तीखा पलटवार करेगा। दोनों प्रमुख दलों के इस शक्ति-प्रदर्शन से दिल्ली का राजनीतिक माहौल पूरी तरह सरगर्म हो गया है।

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