एमएलसी चुनाव नतीजों पर भाजपा का हमला: बैलेट पेपर से भी कांग्रेस ‘शून्य’ पर, सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर तीखा तंज
एमएलसी चुनाव नतीजों पर भाजपा का हमला: बैलेट पेपर से भी कांग्रेस ‘शून्य’ पर, सुधांशु त्रिवेदी का राहुल गांधी पर तीखा तंज
चार राज्यों में संपन्न हुए विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों के चुनाव परिणामों और भाजपा/एनडीए उम्मीदवारों की मजबूत बढ़त के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन दिखाता है कि चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम (EVM) पर सवाल उठाने वाले दावों में कोई सच्चाई नहीं है।
1. बैलेट पेपर चुनाव और ईवीएम विवाद पर बयान
बैलेट बॉक्स से भी हार: डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने रेखांकित किया कि विधान परिषद के ये चुनाव बैलेट पेपर (Ballot Paper) के माध्यम से कराए गए थे। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी एक भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी और ‘शून्य’ पर सिमट गई।
भ्रम फैलाने का आरोप: भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा देश की पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर झूठे आरोप लगाकर अराजकता व भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही थी, जो नतीजों के साथ ही चकनाचूर हो गई है।
समस्या नियत में, प्रक्रिया में नहीं: त्रिवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि समस्या न तो ईवीएम में है, न वोटर लिस्ट में और न ही बैलेट पेपर में; असली समस्या कांग्रेस नेताओं के मन के भ्रम और काम न करने की आदत में है।
2. राहुल गांधी के विदेश दौरे पर साधा निशाना
सैर-सपाटे से नहीं मिलता जनसमर्थन: राहुल गांधी के विदेश दौरे का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि वह लगभग दो हफ्तों तक घूमकर/सैर-सपाटा करके लौटे हैं और अब देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले आंदोलनों की बात कर रहे हैं।
नेताओं की सक्रियता की तुलना: उन्होंने भाजपा और कांग्रेस नेताओं की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा:
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तर प्रदेश के दौरे पर संगठन की मजबूती में जुटे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब में सक्रिय रूप से जनसंपर्क में लगे हैं।
वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी चंपा (वियतनाम का प्राचीन नाम) में घूम रहे थे।
3. कांग्रेस को भाजपा की सलाह
भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को कामचोरी की आदत छोड़कर धरातल पर जनता के बीच जाकर मेहनत करनी चाहिए। यदि वे काम करना शुरू कर देंगे, तो उनके मुंह से ‘वोट चोरी’ का रटा-रटाया नारा अपने आप गायब हो जाएगा।
(यह अपडेट हाल ही में आए MLC चुनाव नतीजों और भाजपा द्वारा आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आधारित है।)

