यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव! सपा को सौंपी 175 सीटों की सूची, 100 सीटों पर समझौते को तैयार नहीं पार्टी
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव! सपा को सौंपी 175 सीटों की सूची, 100 सीटों पर समझौते को तैयार नहीं पार्टी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने सपा को 175 विधानसभा सीटों की सूची सौंपी है। राज्य की 403 सीटों में से इतनी सीटों पर दावेदारी पेश कर कांग्रेस ने गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी को लेकर रुख स्पष्ट करने की कोशिश की है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कम से कम 125 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने स्तर पर सीटों को A, B, C और D की चार श्रेणियों में बांटा है। इनमें A श्रेणी की सीटों को पार्टी अपने लिए सबसे महत्वपूर्ण मान रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा कांग्रेस की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
A कैटिगरी की 100 सीटों पर कांग्रेस की नजर
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने सीटों का वर्गीकरण करते हुए A श्रेणी में करीब 100, B श्रेणी में 50 और C श्रेणी में 35 सीटें रखी हैं। पार्टी का रुख है कि A श्रेणी की सीटों पर वह समझौता नहीं करना चाहती।
वहीं, B श्रेणी की 50 सीटों में से लगभग आधी सीटों पर समझौते की गुंजाइश बताई जा रही है। C श्रेणी की सीटों पर कांग्रेस और सपा के बीच बातचीत के बाद फैसला होने की संभावना है। D श्रेणी की सीटों को लेकर उपलब्ध जानकारी में विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।
हालांकि, सीटों की इस सूची और श्रेणियों को लेकर अभी दोनों दलों की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर में हो सकता है पेच
कांग्रेस ने अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर समेत कई जिलों में अधिक सीटों पर दावेदारी की है। इन क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी की भी राजनीतिक मौजूदगी है। ऐसे में सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
गठबंधन में सीटों का बंटवारा केवल संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कौन-सी सीट किस दल के लिए राजनीतिक रूप से कितनी अहम है। इसी आधार पर दोनों पार्टियों को अपने-अपने दावों के बीच तालमेल बैठाना होगा।
प्रियंका गांधी संभाल सकती हैं बातचीत की कमान
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस में सीटों के चयन और रणनीति को लेकर प्रियंका गांधी तथा उनके करीबी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी अखिलेश यादव से मुलाकात कर सीटों के बंटवारे पर बातचीत कर सकती हैं।
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अलग चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में पार्टी को केवल दो सीटों पर जीत मिली थी और प्रचार अभियान की कमान प्रियंका गांधी के हाथों में थी।
इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में छह सीटें जीतीं। इस प्रदर्शन के बाद पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर अधिक सक्रिय नजर आ रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन के भीतर अधिक हिस्सेदारी चाहती है।
सपा में भी कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने पर मतभेद की चर्चा
सीटों के बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी के भीतर भी अलग-अलग विचार सामने आने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, सपा के एक वर्ग का मानना है कि कांग्रेस को बहुत अधिक सीटें देना उचित नहीं होगा। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि भाजपा के साथ सीधे मुकाबले वाली कुछ सीटों पर कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही है।
हालांकि, गठबंधन की अंतिम रणनीति दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद ही तय होगी। फिलहाल कांग्रेस की ओर से 175 सीटों पर दावेदारी की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव कांग्रेस की मांगों पर कितना सहमत होते हैं और दोनों दल 2027 के चुनाव के लिए किस समझौते पर पहुंचते हैं।

