अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना से झड़प पर बोली कांग्रेस- मोदी सरकार की ‘क्लीन चिट’ के कारण बढ़ा चीन का दुस्साहस
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना से झड़प पर बोली कांग्रेस- मोदी सरकार की ‘क्लीन चिट’ के कारण बढ़ा चीन का दुस्साहस
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प से जुड़ी इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक की पुष्टि के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन को दी गई ‘क्लीन चिट’ और सरकार के ‘सरेंडर’ के कारण लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है।
पवन खेड़ा का केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पार्टी के मीडिया एवं पब्लिसिटी चेयरमैन पवन खेड़ा ने मोदी सरकार की विदेश और सीमा नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए:
’नई यथास्थिति’ को स्वीकारने का आरोप: पवन खेड़ा ने कहा कि गलवान घटना के बाद पीएम मोदी ने चीन को ‘क्लीन चिट’ दी थी, जिससे सीमा पर चीन की घुसपैठ बढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब ‘पहले जैसी स्थिति’ (Status Quo Ante) की बात करने के बजाय चीन के दबाव में ‘नई यथास्थिति’ को स्वीकार कर भारत के राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही है।
26 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर नियंत्रण खोने का दावा: खेड़ा ने पुलिस महानिदेशकों (DGP) की कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि लद्दाख में 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर भारत का नियंत्रण नहीं रहा है।
बढ़ती आर्थिक निर्भरता पर सवाल: उन्होंने कहा कि सीमा पर तनाव के बावजूद भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 112 अरब डॉलर पहुंच गया है। सरकार द्वारा चीनी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में ढील देने, पीएलआई (PLI) योजनाओं में चीनी कंपनियों के रास्ते आसान करने और चीन पर दवाइयों (API) व दुर्लभ खनिजों के लिए बढ़ती निर्भरता पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने पूछे सरकार से सीधे सवाल
पवन खेड़ा ने सरकार के सामने कई सवाल रखे और चुनौती दी:
क्या अरुणाचल प्रदेश के ‘शेरा-5’ पॉइंट तक भारतीय सेना पेट्रोलिंग कर पा रही है?
क्या तकसिंग सेक्टर में चीन ने भारतीय सीमा के अंदर आकर अपने टेंट गाड़ रखे हैं?
क्या पूर्वी लद्दाख में अप्रैल 2020 से पहले वाली स्थिति (पेट्रोलिंग राइट्स) बहाल हो पाई है?
कांग्रेस ने मोदी सरकार को चुनौती दी कि वह विपक्ष के नेताओं को अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कराए, ताकि देश के सामने सीमा और पेट्रोलिंग पॉइंट्स की वास्तविक स्थिति आ सके।

