राज ठाकरे का केंद्र सरकार पर तीखा हमला: ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, संजय राउत के राजनीतिक उथल-पुथल के दावे का किया समर्थन
राज ठाकरे का केंद्र सरकार पर तीखा हमला: ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, संजय राउत के राजनीतिक उथल-पुथल के दावे का किया समर्थन
मुंबई:
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की है। इस दौरान उन्होंने शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत के उस हालिया राजनीतिक पूर्वानुमान का जोरदार समर्थन किया, जिसमें आने वाले दो से पांच महीनों में देश में किसी बड़े राजनीतिक फेरबदल और उथल-पुथल की बात कही गई थी। साथ ही, राज ठाकरे ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) को पूरी तरह समाप्त कर देश में पारंपरिक मतपत्र (बैलेट पेपर) प्रणाली को दोबारा लागू करने की अपनी मांग पुरजोर तरीके से दोहराई।
”ईवीएम हटाकर फिर से लाई जाए बैलेट पेपर प्रणाली”
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि वह वर्ष 2018 से ही लगातार मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराने की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मतदाताओं को इस बात की पूर्ण पारदर्शिता और मनोवैज्ञानिक संतुष्टि मिलनी चाहिए कि उन्होंने अपना वोट वास्तव में मतपेटी में डाला है।
राज ठाकरे ने पड़ोसी देशों और विकसित राष्ट्रों का हवाला देते हुए कहा:
”राजनीतिक आलोचना और प्रतिवाद स्वाभाविक हैं। मैं 2018 से लगातार बैलेट पेपर से मतदान कराने का प्रयास कर रहा हूँ और इस सिलसिले में चुनाव आयुक्तों से भी मिला हूँ। आज दुनिया के कई विकसित देशों के साथ-साथ हमारे पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका भी मतपत्र प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। यहाँ तक कि फ्रांस में भी मतदान मशीनों को हटाकर दोबारा मतपत्रों का इस्तेमाल शुरू किया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि भले ही मतपत्रों से गिनती में कुछ समय अधिक लगे, लेकिन इससे जनता का लोकतंत्र पर भरोसा मजबूत होता है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “अगर मतगणना में चार दिन भी लग जाएं, तो क्या फर्क पड़ता है? किसे जल्दी है?”
संजय राउत के दावे का समर्थन और राजनीतिक चेतावनी
संजय राउत के उस बयान का समर्थन करते हुए कि आने वाले महीनों में देश में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है, राज ठाकरे ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि केंद्र सरकार की लगातार हो रही भूलों और नीतियों के चलते देश में नागरिक अशांति फैलना कोई बड़ी बात नहीं होगी।
ठाकरे ने दावा किया:
राजनीतिक भविष्यवाणियां: उन्होंने कहा कि आने वाले दो से पांच महीनों में देश में कुछ बहुत बड़ा और उथल-पुथल भरा होने वाला है।
सड़कों पर उतरने की आशंका: बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आने वाले समय में देश की जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए, तो उन्हें बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं होगा।
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता
देश में बढ़ते अपराध, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और सुरक्षा संबंधी गंभीर चूकों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए MNS प्रमुख ने गुजरात की हाई-सिक्योरिटी साबरमती जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी पर कई तीखे सवाल उठाए।

