CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत: लिखित माफीनामे और 50-50 हजार के बांड पर रिहाई, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन न करने का दिया आश्वासन
CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत: लिखित माफीनामे और 50-50 हजार के बांड पर रिहाई, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन न करने का दिया आश्वासन
नई दिल्ली:
जंतर-मंतर अतिक्रमण मामले में गिरफ्तार किए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और कार्यकर्ता आशुतोष रांका को बुधवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) न्यायालय से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने दोनों कार्यकर्ताओं को लिखित में माफीनामा और शपथ पत्र प्रस्तुत करने के बाद जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है।
क्या हैं रिहाई की शर्तें और लिखित आश्वासन?
विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) रितु राज के समक्ष दोनों कार्यकर्ताओं ने लिखित रूप से यह आश्वासन दिया है कि:
शांति बनाए रखने का वादा: जब तक जंतर-मंतर स्थल को कानून के अनुसार गैर-अधिसूचित नहीं कर दिया जाता, तब तक वे वहां किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।
संवैधानिक मर्यादा: उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में यदि कोई भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, तो वह पूरी तरह से “संविधान की सीमाओं के भीतर” ही होगा।
न्यायपालिका में विश्वास: अपने बयान में दोनों ने शांति, कानून-व्यवस्था और जन शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए न्यायपालिका और उसके सभी उपकरणों में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।
न्यायालय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 135(3) के तहत शांति भंग की आशंका को रोकने के लिए दोनों कार्यकर्ताओं से 50,000-50,000 रुपये के व्यक्तिगत और जमानत बांड जमा करवाए जाने के बाद उनकी रिहाई के निर्देश दिए।
पुलिस की मांग और वकीलों का पक्ष
पुलिस का तर्क: कार्यवाही के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोनों की न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि कार्यकर्ताओं के बयानों और आचरण में विरोधाभास है, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका अभी भी बनी हुई है।
बिना शर्त माफी: सुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं के वकीलों ने उस कथित टिप्पणी के लिए अदालत से बिना शर्त माफी मांगी, जो पार्टी के एक अन्य सदस्य द्वारा तब की गई थी जब दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल ले जाया जा रहा था।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
एसईएम अदालत ने दोनों नेताओं को सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने और अपने बांड व स्वैच्छिक वचनबद्धताओं की शर्तों का पूरी सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, जांच अधिकारी को आगामी सुनवाई में जमानतदारों की सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और सुनवाई अब शुक्रवार को दोपहर 3 बजे होगी।

