FSSAI की बड़ी कार्रवाई: बच्चों के दूध और पोषण उत्पादों के भ्रामक प्रचार पर नेस्ले, एबॉट, जायडस समेत कई बड़ी कंपनियों और इन्फ्लुएंसर को नोटिस
FSSAI की बड़ी कार्रवाई: बच्चों के दूध और पोषण उत्पादों के भ्रामक प्रचार पर नेस्ले, एबॉट, जायडस समेत कई बड़ी कंपनियों और इन्फ्लुएंसर को नोटिस
नई दिल्ली:
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बच्चों के दूध (इन्फेंट फॉर्मूला) और पोषण उत्पादों के विज्ञापनों, पैकेजिंग और प्रचार को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्राधिकरण ने नियमों के अनुरूप दावे न पाए जाने पर देश-विदेश की कई दिग्गज और प्रतिष्ठित कंपनियों को आधिकारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस पाने वाली प्रमुख कंपनियों में नेस्ले इंडिया (Nestle India), एबॉट हेल्थकेयर (Abbott Healthcare), न्यूट्रिशिया (Nutricia), मीड जॉनसन न्यूट्रिशन (Mead Johnson Nutrition) और जायडस वेलनेस (Zydus Wellness) शामिल हैं।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी जांच के दायरे में
इस कार्रवाई के तहत FSSAI ने केवल बड़ी कंपनियों को ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इरा फातिमा को भी नोटिस भेजा है। आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक रील के जरिए शिशु फॉर्मूला उत्पादों—जैसे Nan Pro 1, Aptamil Premium 1, Similac Advance 1, Enfamil A+ Stage 1 और Dexolac 1—का प्रचार किया था। प्राधिकरण का स्पष्ट मानना है कि शिशु दुग्ध विकल्पों का इस प्रकार का प्रचार करना संबंधित उपभोक्ता और खाद्य सुरक्षा कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
नेस्ले और कॉम्प्लान के दावों पर कड़े सवाल
FSSAI ने विभिन्न उत्पादों पर किए जा रहे दावों के वैज्ञानिक प्रमाण और विज्ञापनों की वैधता पर सवाल उठाए हैं:
नेस्ले के उत्पाद: नेस्ले के ‘Nan Excella Pro Stage 1’ उत्पाद पर यह दावा किया गया था कि इसमें मौजूद पांच HMOs बच्चों की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को सहारा देते हैं। FSSAI ने इस दावे को नियमों के अनुरूप नहीं माना है। इसके अलावा, ‘Lactogen Pro 1 Powder’ के पैकेट और विज्ञापनों में किए गए इस दावे पर भी कंपनी से वैज्ञानिक प्रमाण मांगे गए हैं कि इसमें मौजूद व्हे प्रोटीन आसानी से पच जाता है।
कॉम्प्लान (‘दो गुना तेजी से विकास’ का दावा): जायडस वेलनेस के प्रसिद्ध उत्पाद ‘कॉम्प्लान’ (Complan) के विज्ञापनों में बच्चों की तस्वीरों के साथ “दो गुना तेजी से विकास”, “एकाग्रता और याददाश्त में मदद” तथा “बेहतर इम्युनिटी” जैसे लुभावने दावे किए गए थे। प्राधिकरण ने इन दावों पर भी गहरी आपत्ति जताते हुए इन्हें विज्ञापन नियमों का संभावित उल्लंघन माना है।
कंपनियों को देना होगा तय समय में जवाब
FSSAI ने सभी संबंधित कंपनियों और पक्षों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने पूछा है कि उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSS Act 2006) के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि FSSAI का यह कदम बच्चों से जुड़े खाद्य उत्पादों, पोषण सप्लीमेंट्स और उनके विज्ञापनों पर बढ़ती कड़ी निगरानी और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में एक बेहद अहम और कड़ा कदम है।

