चेन्नई में राजनीतिक सरगर्मी: DMK के दो पार्षदो के खिलाफ मामला दर्ज, TVK प्रमुख और सीएम सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप
चेन्नई में राजनीतिक सरगर्मी: DMK के दो पार्षदो के खिलाफ मामला दर्ज, TVK प्रमुख और सीएम सी. जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप
चेन्नई:
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। चेन्नई पुलिस ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (DMK) की पार्षद सुधा दीनदयालन और पार्टी बैठक के आयोजक मुरलीधरन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 7 अक्टूबर को आयोजित एक सार्वजनिक बैठक के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसमें डीएमके की ओर से राज्य सरकार की उपलब्धियों और नीतियों पर चर्चा की जा रही थी।
आपत्तिजनक टिप्पणी: आरोप है कि भाषण के दौरान डीएमके पार्षद सुधा दीनदयालन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी सरकार के खिलाफ कथित तौर पर अशब्दों और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
टीवीके की शिकायत: तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के पदाधिकारी उदयकुमार ने इस भाषण का संज्ञान लेते हुए बी-2 एस्प्लेनेड पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पार्षद द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने और मुरलीधरन पर कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और राजनीतिक तकरार
इस भाषण की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद टीवीके (TVK) के सदस्यों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन हुए और डीएमके तथा टीवीके के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पर सवाल: टीवीके सदस्यों ने मंच पर मौजूद डीएमके के वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान मंच पर चेन्नई की मेयर प्रिया, सांसद कनिमोझी और पूर्व मंत्री पी.के. सेकरबाबू जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद थे। टीवीके का आरोप है कि इन वरिष्ठ नेताओं ने सुधा दीनदयालन को आपत्तिजनक टिप्पणी करने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।
भाषण के मुख्य बिंदु: मूल भाषण में डीएमके नेताओं ने विजय सरकार पर अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया था। साथ ही यह भी दावा किया गया कि मौजूदा प्रशासन केवल एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली पिछली सरकार की पुरानी सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं को ही आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, राजनीतिक नीतियों की आलोचना से हटकर मुख्यमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा अब इस पूरे विवाद का केंद्र बन गई है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की स्थिति
शिकायत मिलने और वीडियो सबूत सामने आने के बाद एस्प्लेनेड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक पुलिस या संबंधित आरोपियों (सुधा और मुरलीधरन) की ओर से यह आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि उनसे पूछताछ की गई है या उन्हें औपचारिक रूप से तलब किया गया है।
इस घटना के बाद से तमिलनाडु की राजनीति में सत्ताधारी पार्टी और मुख्य विपक्षी/उभरते राजनीतिक दलों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है।

