अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: रिपब्लिकन बहुमत मिलने पर हर नागरिक को मिलेंगे 5,000 डॉलर; ताइवान के साथ गैस समझौते की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान: रिपब्लिकन बहुमत मिलने पर हर नागरिक को मिलेंगे 5,000 डॉलर; ताइवान के साथ गैस समझौते की घोषणा
वाशिंगटन/वासिला (अलास्का):
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मिड-टर्म चुनावों से पहले अलास्का के वासिला में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं। उन्होंने वादा किया है कि यदि कांग्रेस के दोनों सदनों (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट) पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहता है, तो हर अमेरिकी वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर का ‘ट्रंप डिविडेंड’ दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राशि के लिए आयात शुल्क (टैरिफ) से होने वाली भारी कमाई का उपयोग किया जाएगा।
अलास्का एलएनजी पाइपलाइन और ताइवान-दक्षिण कोरिया समझौता
रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा समझौता साझा करते हुए घोषणा की कि ताइवान अलास्का की एक प्रमुख प्रस्तावित पाइपलाइन परियोजना से निकलने वाली प्राकृतिक गैस का 30 प्रतिशत हिस्सा खरीदने और इस परियोजना में अतिरिक्त 4.4 अरब डॉलर का निवेश करने पर सहमत हो गया है।
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि इस व्यवस्था से अमेरिका को एशियाई बाजारों तक ऊर्जा निर्यात करने में बहुत बड़ी बढ़त मिलेगी। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया द्वारा भी इस 54 अरब डॉलर की विशाल ‘अलास्का एलएनजी परियोजना’ में बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रतिबद्धता जताई गई है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 13,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे और स्थानीय परिवारों के ऊर्जा बिलों में खासी राहत मिलेगी।
सीनेटर डैन सुलिवन के लिए प्रचार और डेमोक्रेट्स पर निशाना
3 नवंबर को होने वाले मिड-टर्म चुनावों से महज तीन हफ्ते पहले आयोजित इस रैली में ट्रंप रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन (जिन्हें उन्होंने ‘असली डैन सुलिवन’ कहा) के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी मैरी पेल्टोला पर तीखा हमला बोला और अलास्का की मतदान प्रणाली (ranked-choice voting) की आलोचना करते हुए इसे ‘घोटाला’ बताया।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक मुद्दों पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उनकी नीतियों के चलते रणनीतिक ‘होर्मुज़ स्ट्रेट’ पर नियंत्रण सुरक्षित है और ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। साथ ही, उन्होंने कनाडा के व्यापारिक रुख और अमेरिका की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी पिछली तीखी प्रतिक्रियाओं को दोहराया।

