पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन के खिलाफ पीटीआई का प्रदर्शन हिंसक, पुलिस गोलीबारी में एक की मौत और कई घायल
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन के खिलाफ पीटीआई का प्रदर्शन हिंसक, पुलिस गोलीबारी में एक की मौत और कई घायल
पेशावर:
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गवर्नर शासन लागू किए जाने के विरोध में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) द्वारा निकाले गए विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा भड़क गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर जिले के बारा बाजार इलाके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प और कथित पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
गवर्नर शासन के बाद बिगड़े हालात
संघीय सरकार द्वारा हाल ही में प्रांत में आपातकाल की घोषणा करते हुए गवर्नर शासन लागू किए जाने के बाद से राजनीतिक तनाव चरम पर है। इस प्रशासनिक कदम के चलते जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार का कामकाज निलंबित कर दिया गया है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।
बारा बाजार में झड़प और आगजनी
तनाव और मार्च: मंगलवार दोपहर पीटीआई के सैकड़ों समर्थक गवर्नर शासन के विरोध में बारा बाजार में एकत्र हुए। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और कथित रूप से गोलियां चलाने के बाद कुछ देर के लिए स्थिति शांत हुई थी।
हिंसक झड़प: इसके करीब 90 मिनट बाद प्रांतीय विधानसभा सदस्य अब्दुल गनी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों का एक और बड़ा समूह मीनार चौक से बारा चौक की ओर मार्च करते हुए पहुंचा और सरकार विरोधी नारे लगाए।
कार्यालयों को नुकसान: आरोप है कि उग्र भीड़ ने बारा बाजार स्थित राष्ट्रीय डेटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण (NADRA) के कार्यालय में आग लगा दी और तहसील नगरपालिका कार्यालय के भीतर कथित तौर पर 15 पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर उनके हथियार व वर्दियां अपने कब्जे में ले लीं।
हताहतों और घायलों की स्थिति
पीटीआई विधायक इकबाल अफरीदी ने दावा किया है कि इस हिंसक संघर्ष में पार्टी के 11 कार्यकर्ता घायल हुए और एक की मौत हुई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। खैबर जिले के पुलिस अधिकारी वकार अहमद ने स्थिति को तनावपूर्ण बताया है। पेशावर के प्रमुख अस्पतालों (जैसे हयाताबाद मेडिकल कॉम्प्लेक्स) में कई घायलों को भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने अशांति फैलाने के आरोप में लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया है और पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

