उत्तर कोरिया ने किया टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने शुरू किया विश्लेषण
उत्तर कोरिया ने किया टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने शुरू किया विश्लेषण
प्योंगयांग/सियोल:
उत्तर कोरिया ने अपने हथियार सिस्टम के तकनीकी हिस्से को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। देश की सरकारी मीडिया ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (KCNA) के अनुसार, 12 अक्टूबर को किए गए इस परीक्षण को एक ‘बड़ी सफलता’ बताया गया है, जो सभी आक्रामक हथियार प्रणालियों की क्षमता को उन्नत करने की दिशा में एक अहम कदम है। हालांकि, प्रशासन ने इस परीक्षण से जुड़ी कोई विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा नहीं की है।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका की प्रतिक्रिया
इससे पहले दक्षिण कोरिया की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने प्योंगयांग क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता लगाया था। JCS के प्रवक्ता कैप्टन जांग डो-यंग के अनुसार, इनमें से एक मिसाइल ने 900 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। शुरुआती आकलन में यह संभावना जताई जा रही है कि उत्तर कोरिया ने कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को उसकी अधिकतम सीमा तक या मध्यम दूरी की मिसाइल को कम दूरी के लिए लॉन्च किया हो।
जापान के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी पैसिफिक कमांड (PACOM) ने भी उत्तर कोरिया द्वारा कम से कम दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की पुष्टि की है। इस साल उत्तर कोरिया का यह 16वां मिसाइल परीक्षण है।
क्षेत्रीय तनाव और हालिया घटनाक्रम
यह परीक्षण दक्षिण कोरिया द्वारा अपनी स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) के पहले सफल परीक्षण की सार्वजनिक घोषणा के महज चार दिन बाद सामने आया है। विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण कोरिया का वह कदम और 21 सितंबर को असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में हुए लैंडमाइन विस्फोट ( जिसमें तीन सैनिक घायल हुए थे) के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। फिलहाल, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के रक्षा अधिकारी उत्तर कोरियाई मिसाइलों की तकनीकी विशेषताओं का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं, और संयुक्त रक्षा प्रणालियों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।

