जयपुर वॉर रूम में कांग्रेस के दिग्गजों की हंसी-ठिठोली, गहलोत-पायलट के एक ही फ्रेम में आने से गरमाई सियासत
जयपुर वॉर रूम में कांग्रेस के दिग्गजों की हंसी-ठिठोली, गहलोत-पायलट के एक ही फ्रेम में आने से गरमाई सियासत
भारतीय राजनीति में अक्सर कैमरे के सामने होने वाले ठहाकों और अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों के बीच का फासला काफी दिलचस्प होता है। बुधवार को जयपुर के कांग्रेस वॉर रूम में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला, जब कांग्रेस के दिग्गज नेता एक ही मंच पर नजर आए और उनके बीच हल्के-फुल्के चुटीले अंदाज ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया।
जयपुर वॉर रूम के इस वाकये से जुड़ी मुख्य बातें:
दिग्गजों की एक ही फ्रेम में मौजूदगी: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट और प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा एक ही फ्रेम में नजर आए। इस दौरान नेताओं के बीच चली हंसी-ठिठोली ने एक पल के लिए तमाम सियासी अटकलों को विराम दे दिया।
हल्के-फुल्के तंज और चुटीले संवाद: बातचीत की शुरुआत करते हुए अशोक गहलोत ने पंजाब प्रभारी बने सचिन पायलट की ओर इशारा करते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि पहले रंधावा उनके इंचार्ज थे और अब पायलट साहब इनके इंचार्ज हैं। इस पर सचिन पायलट ने मुस्कुराते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ इशारा कर चुटकी ली कि “सबके इंचार्ज आप ही हो, अशोक जी!” जिस पर गहलोत ने तपाक से जवाब दिया, “हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं।” इस संक्षिप्त संवाद ने वहां मौजूद सभी नेताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
एकता का संदेश: बैठक के बाद मीडिया के सामने आते हुए अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में पूरी एकजुटता है और आगामी चुनावों में पार्टी वापसी करेगी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनावों में रणनीतिक मतभेदों और अतीत के घटनाक्रमों के बाद इस तरह के दोस्ताना संवाद भले ही पार्टी की सेहत के लिए अच्छे हों, लेकिन टिकटों के बंटवारे और आगामी रणनीतियों के दौरान इन समीकरणों की असली परीक्षा होनी बाकी है।

