पश्चिम बंगाल की सियासत में भूचाल, विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीति से संन्यास और इस्तीफे का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल की सियासत में भूचाल, विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीति से संन्यास और इस्तीफे का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। नवादा से विधायक और ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के प्रमुख हुमायूं कबीर ने राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने और अपने विधायक पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। रेजीनगर उपचुनाव के नतीजे आने से पहले ही उन्होंने अपनी हार स्वीकार करते हुए चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हुमायूं कबीर के ऐलान से जुड़े मुख्य बिंदु:
रेजीनगर उपचुनाव पर गंभीर आरोप: हुमायूं कबीर ने दावा किया कि रेजीनगर उपचुनाव महज एक दिखावा था और आम लोगों को स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं करने दिया गया। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली और वोट लूटे गए। बता दें कि इस उपचुनाव में उनके बेटे गोलम नबी आजाद उनकी पार्टी के उम्मीदवार हैं, और यह सीट हुमायूं कबीर द्वारा पहले इस्तीफा दिए जाने के कारण खाली हुई थी।
64 साल का राजनीतिक करियर समाप्त करने की घोषणा: हुमायूं कबीर ने कहा कि दुर्गा पूजा के बाद वह एक सार्वजनिक बैठक करेंगे, जनता से माफी मांगेंगे और अपने 64 साल के लंबे राजनीतिक जीवन का औपचारिक रूप से अंत कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री रहेंगे, तब तक वह विधानसभा नहीं जाएंगे।
मतदान के दिन हिरासत: हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि रेजीनगर उपचुनाव के दिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था और शाम को रिहा किया गया। उन्होंने चुनाव के दौरान प्रशासन, पुलिस और विशेष बैज पहने लोगों की भूमिका पर निष्पक्ष न होने का आरोप लगाया है।

