शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: 2021 के ‘पैर की चोट’ के दावों को बताया झूठा, नई जांच का किया ऐलान
शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: 2021 के ‘पैर की चोट’ के दावों को बताया झूठा, नई जांच का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगी चोट का मामला गरमा गया है। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और नंदीग्राम में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नेता ने दावा किया कि 2021 के चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी द्वारा पैर में चोट लगने का दावा पूरी तरह एक ‘नाटक’ था। उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी सरकार इन “झूठे दावों” की नए सिरे से जांच शुरू करेगी।
शुभेंदु अधिकारी के मुख्य दावे और मेडिकल रिपोर्ट का हवाला
चोट के दावों को नकारा: अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस द्वारा जारी ममता बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उस समय की रिपोर्ट में हड्डी टूटने या हड्डी खिसकने (फ्रेक्चर) का कोई भी सबूत नहीं मिला था।
नंदीग्राम के अपमान का आरोप: उन्होंने कहा कि इस “झूठे दावे” ने नंदीग्राम की जनता का अपमान किया है। 9 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता (MCC) हटने के बाद इस मामले से जुड़े और खुलासे किए जाएंगे।
पृष्ठभूमि: यह बयान ऐसे समय आया है जब नंदीग्राम में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है—वही बिरुलिया बाजार, जहां पांच साल पहले मार्च 2021 में ममता बनर्जी को पैर और कमर में चोट लगी थी।
2021 की घटना और सियासी सफर
क्या हुआ था मार्च 2021 में?: 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम में प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि भीड़ के दबाव और धक्के के कारण उनकी कार का दरवाजा उनके पैर पर लग गया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। हालांकि, शुरुआती बयानों में साजिश की बात भी कही गई थी।
व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार: कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, बाएं पैर पर प्लास्टर के साथ ममता बनर्जी ने पूरे चुनाव के दौरान व्हीलचेयर पर बैठकर ही तूफानी प्रचार किया था।
चुनावी परिणाम: उन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 294 में से 216 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 77 सीटें मिली थीं। अब उपचुनाव के माहौल के बीच इस पुराने प्रकरण के दोबारा उठने से राज्य का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है।
