नासा की सैटेलाइट रिपोर्ट: बिहार में गंडक नदी की प्रलयकारी बाढ़ पर अंतरिक्ष एजेंसी ने जारी की विशेष रिपोर्ट, 1960 के दशक के टूटे रिकॉर्ड
नासा की सैटेलाइट रिपोर्ट: बिहार में गंडक नदी की प्रलयकारी बाढ़ पर अंतरिक्ष एजेंसी ने जारी की विशेष रिपोर्ट, 1960 के दशक के टूटे रिकॉर्ड
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने बिहार में गंडक नदी के जलप्रलय और उससे मची भीषण तबाही पर एक विस्तृत उपग्रह-आधारित (सैटेलाइट) रिपोर्ट जारी की है। नासा के ‘अर्थ ऑब्जर्वेटरी’ द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को “भारी बारिश से गंडक नदी उफ़ान पर” शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट में नेपाल के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों और भारत में हुई अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते नदी में आए अभूतपूर्व जलप्रवाह का खुलासा किया गया है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए नासा ने इस विनाशकारी बाढ़ की उपग्रह तस्वीर को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ‘इमेज ऑफ द डे’ (Image of the Day) के रूप में प्रदर्शित किया है।
टेरा और एक्वा उपग्रहों ने कैद किया तबाही का दायरा
नासा की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की यह भयावह स्थिति उसके दो प्रमुख वैज्ञानिक उपग्रहों—टेरा (Terra) और एक्वा (Aqua) पर लगे अत्याधुनिक MODIS उपकरण के जरिए सामने आई है:
रिकॉर्ड जलप्रवाह: नेपाल में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी में अप्रत्याशित मात्रा में पानी उतरा।
टूटे तटबंध: सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट हुआ है कि भारी दबाव के कारण कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के ऊपर से बहने लगा और कई जगह सुरक्षा तटबंध टूट गए, जिससे रिहायशी बस्तियों और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि में भारी जलप्लावन हुआ।
1960 के दशक के बाद का सर्वाधिक जलस्तर
रिपोर्ट में नदी के जलस्तर को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े दर्ज किए गए हैं:
नेपाल के देवघाट में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 27 सितंबर को नेपाल के देवघाट में गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंच गया, जो 1960 के दशक के बाद दर्ज किया गया अब तक का सर्वाधिक जलस्तर है।
बिहार में नए रिकॉर्ड: नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बिहार के बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में भी गंडक नदी ने अपने पिछले उच्चतम जलस्तर के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इन क्षेत्रों में नदी खतरे के निशान से कई मीटर ऊपर बहती नजर आई।
2008 की कोसी त्रासदी की यादें ताजा
विशेषज्ञों के अनुसार, नासा द्वारा किसी भारतीय नदी के जलप्रलय पर इस तरह का विस्तृत सैटेलाइट विश्लेषण जारी करना बेहद असाधारण है। इससे पहले अंतरिक्ष एजेंसी ने 27 अगस्त 2008 को बिहार की विनाशकारी कुसहा त्रासदी (कोसी बाढ़) के दौरान ऐसी रिपोर्ट जारी की थी। गंडक नदी के इस भयंकर उफान को 2008 की कोसी त्रासदी के बाद इस क्षेत्र की सबसे गंभीर जल-आपदाओं में से एक माना जा रहा है।
