Saturday, October 3, 2026
Latest:
राजनीति

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव: सपा ने बदले दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव: सपा ने बदले दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार, अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बोला तीखा हमला

​उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़ा फेरबदल करते हुए अपने दो उम्मीदवारों को बदल दिया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संबंधित नेताओं की सहमति से नए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है।

​सपा के बदले गए उम्मीदवार

​गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: इस सीट पर पहले कमलेश यादव को उम्मीदवार बनाया गया था, जिनकी जगह अब डॉ. संजयन त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है। (खास बात यह है कि डॉ. त्रिपाठी पहले भाजपा से टिकट मांग रहे थे और टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी)।

​आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: इस सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया गया है, जिनका पिछला अनुभव पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

​अखिलेश यादव ने पहले घोषित किए गए दोनों प्रत्याशियों, उनके परिवारों और समर्थकों के सहयोग के प्रति आभार जताया है और आश्वस्त किया है कि समय आने पर उन्हें उचित सम्मान दिया जाएगा।

​चुनावी कार्यक्रम और मुख्य मुद्दे

​मतदान और मतगणना: इन सीटों सहित विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की कुल 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी।

​सपा के मुख्य चुनावी मुद्दे: अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी चुनाव में तदर्थ शिक्षकों, वित्तविहीन शिक्षकों, शिक्षामित्रों, पुरानी पेंशन योजना (OPS), पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।

​भाजपा सरकार पर तीखे हमले और ‘पीडीए’ समीकरण

​प्रेस वार्ता के दौरान सपा अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा:

​कानून-व्यवस्था और प्रशासन: उन्होंने संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या और गोरखपुर में जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले व्यक्ति पर गुंडा एक्ट लगाने जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए।

​पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला: अखिलेश यादव ने कहा कि सपा का ‘पीडीए’ सामाजिक गठजोड़ प्रेम, दया और अपनापन पर आधारित है। 2024 के लोकसभा चुनाव की तरह ही आगामी चुनावों में भी इस सामाजिक समीकरण के सामने भाजपा टिक नहीं पाएगी।

​युवा और रोजगार: उन्होंने जेन-जी (नई पीढ़ी) के बीच बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज युवाओं के पास पर्याप्त अवसर नहीं हैं, जबकि सपा सरकार के दौरान बांटे गए लैपटॉप और मोबाइल के जरिए युवा सरकार से तीखे सवाल कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *