गांधी-शास्त्री जयंती पर CM धामी ने किया नमन, रामपुर तिराहा शहीदों को दी श्रद्धांजलि
गांधी-शास्त्री जयंती पर CM धामी ने किया नमन, रामपुर तिराहा शहीदों को दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री आवास में उन्होंने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार आज भी समाज को दिशा देते हैं, जबकि शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा प्रेरणा का स्रोत है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने देहरादून के शहीद स्थल कचहरी परिसर पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही अलग उत्तराखंड राज्य का गठन संभव हुआ। सरकार आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
रामपुर तिराहा शहीदों के लिए कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री धामी ने मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हिस्सा लिया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अब तक स्थापित नहीं हुई हैं, उन्हें उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर की लाइब्रेरी को ई-लाइब्रेरी में बदलने और संग्रहालय का विस्तार करने की घोषणा भी की। संग्रहालय में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और वेशभूषा से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात भी कही।
10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए इन्हें तहसील स्तर से जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का गठन भी किया गया है।
उन्होंने बताया कि रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी के शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण और विस्तार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही सड़कों और विद्यालयों के नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
रामपुर तिराहा कांड को बताया आंदोलन का पीड़ादायक अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का बेहद पीड़ादायक अध्याय है। उन्होंने खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू समेत विभिन्न स्थानों पर शहीद हुए आंदोलनकारियों को नमन किया।
उन्होंने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने के कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके लिए 27 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री ने स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा के योगदान को भी याद किया।
धामी ने आंदोलन के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से आंदोलनकारियों को दी गई मदद और शरण के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य के आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री के मुताबिक, शहीदों और आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
