मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के गंभीर आरोप: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, प्रशासनिक दुरुपयोग और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के गंभीर आरोप: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, प्रशासनिक दुरुपयोग और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
मंगलौर से विधायक काजी निजामुद्दीन ने आगामी चुनाव प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, मतदाता सूचियों (वोटर लिस्ट) में हो रही गड़बड़ियों और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार तथा चुनाव प्रबंधन पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कई क्षेत्रों में टारगेट करके वोटर्स के नाम काटे जा रहे हैं और हर स्तर पर धांधली हो रही है।
विधायक द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दे और उदाहरण:
वोटर लिस्ट में विसंगतियां और राहुल गांधी का संदर्भ: विधायक ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के स्तर पर धांधली हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तथ्यों के आधार पर जो प्रेजेंटेशन के माध्यम से आरोप लगाए थे, उस पर दो चुनाव आयुक्तों ने भी मुहर लगाई है।
हरिद्वार का पहला उदाहरण (नाथुन खेड़ी मामला): विधायक ने उदाहरण देते हुए बताया कि जनपद हरिद्वार के ग्राम नाथुन खेड़ी में सुशील कुमार ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा और वह 22 वोटों से जीते भी थे। लेकिन विरोधियों को यह रास नहीं आया और उस पर 8 बार रीकाउंटिंग करवाई गई। आखिरकार आठवीं बार उन्हें एक वोट से हरा दिया गया, जिसे उन्होंने मतदाताओं के साथ सीधा धोखा बताया है।
दूसरा उदाहरण (चौधरी इस्लाम का मामला): उन्होंने नगर निकाय चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी इस्लाम मंगलौर नगर पालिका से निर्विरोध पार्षद चुने गए थे और 2013 में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भी जीते। बाद में जब वह चौथी बार चुनाव लड़े, तो सिंबल अलॉटमेंट के दिन ही उन पर नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत दर्ज करा दी गई, जिसके आधार पर बिना किसी सुनवाई या जांच के उनका नॉमिनेशन रद्द कर दिया गया।
डीएवी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव: काजी निजामुद्दीन ने डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में भी धांधली का आरोप लगाया और छात्र नेता विनीत भट्ट के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
